फसल को हुए नुकसान की जांच करते अधिकारी
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दौसा जिले के लालसोट क्षेत्र में 3 और 4 अप्रैल की शाम को पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से हुई तेज बारिश और ओलावृष्टि ने रबी की फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया है। खासतौर पर सौंफ और सब्जियों की फसलें सबसे अधिक प्रभावित हुई हैं, जिससे किसानों को आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ रहा है।
प्रशासन ने शुरू कराया सर्वे
स्थिति को देखते हुए प्रशासन के निर्देश पर कृषि विभाग और राजस्व विभाग की संयुक्त टीमों ने फसल खराबे का सर्वे शुरू कर दिया है। टीमें गांव-गांव जाकर खेतों में नुकसान का आकलन कर रही हैं, ताकि प्रभावित किसानों को समय पर राहत दी जा सके।
सौंफ की फसल को सबसे ज्यादा नुकसान
एसडीएम विजेंद्र मीणा के अनुसार लालसोट क्षेत्र के अंतिम इलाकों में सौंफ की फसल को लगभग 50 प्रतिशत तक नुकसान पहुंचा है। इसके अलावा कई स्थानों पर गेहूं और सब्जियों की फसलों को भी 20 से 25 प्रतिशत तक क्षति हुई है।
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रिपोर्ट तैयार कर मुआवजे की प्रक्रिया
प्रशासन की ओर से नुकसान का विस्तृत सर्वे कराया जा रहा है और रिपोर्ट तैयार की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि सर्वे के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
एसडीआरएफ मानदंडों के अनुसार मिलेगा मुआवजा
एसडीएम विजेंद्र मीणा ने किसानों को आश्वस्त किया है कि फसल खराबे का मुआवजा एसडीआरएफ के तय मानदंडों के अनुसार दिया जाएगा। इसके लिए संबंधित विभागों को निर्देश दिए गए हैं कि सर्वे कार्य शीघ्र पूरा किया जाए।
जिले के अन्य क्षेत्रों में भी असर
3 और 4 अप्रैल को हुई बारिश और ओलावृष्टि का असर जिले के कई हिस्सों में देखने को मिला है। जौ, गेहूं, सौंफ और सब्जियों की फसलों को बड़े स्तर पर नुकसान पहुंचा है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार 7 और 8 अप्रैल को भी कुछ क्षेत्रों में तेज बारिश और ओलावृष्टि की संभावना है, जिससे किसानों की चिंता बनी हुई है।