दौसा जिले के बांदीकुई इलाके के जेतपुरा और आसन गांव के लोगों के बीच श्मशान घाट में अंतिम संस्कार को लेकर विवाद हो गया। इस विवाद के कारण मृतक का शव करीब 7 घंटे तक सड़क पर रखा रहा। सूचना मिलने पर बसवा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जानकारी ली।
आसन गांव के लोगों ने अंतिम संस्कार करने से रोका
जानकारी के अनुसार, जेतपुरा गांव निवासी बाबूलाल गुर्जर का सोमवार रात निधन हो गया था। मंगलवार को ग्रामीण बाबूलाल के शव का अंतिम संस्कार करने के लिए श्मशान घाट लेकर पहुंचे। घटना की सूचना के बाद श्मशान घाट पर आसन गांव के लोग भी आ गए और उन्होंने अंतिम संस्कार करने से रोक दिया। आसन गांव वालों का कहना था कि यह श्मशान उनका है और जैतपुरा के लोग कहीं और अंतिम संस्कार करें। वहीं, जेतपुरा गांव के लोगों ने दावा किया कि यह श्मशान वर्षों से सर्व समाज का है और वे यहां कई बार अंतिम संस्कार कर चुके हैं। उसके बाद भी उन्हें अंतिम संस्कार करने से रोका जाना व बेवजह का विवाद करना गलत है।
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7 घंटे तक रास्ते में पड़ा रहा शव
मामले की सूचना के बाद बसवा तहसीलदार अनु शर्मा, नायब तहसीलदार बाबूलाल राजस्व टीम के साथ मौके पर पहुंचे और दोनों गांव के लोगों को बिठाकर व बातचीत कर समझाया गया। इसके बाद दोपहर 2 बजे मृतक का दाह संस्कार किया गया। घटना के बाद मौके पर बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा हो गए। नायब तहसीलदार अनु शर्मा ने बताया कि दोनों गांवों के बीच यह पुराना विवाद है। उन्होंने लोगों को समझाया जिसके बाद मृतक का अंतिम संस्कार किया गया।