जयपुर में राजस्थान हाईकोर्ट के भवन में शुक्रवार सुबह संविदा कर्मी का शव मिलने से हंगामा मच गया। अशोक नगर थाने की पुलिस को बिल्डिंग के बी-ब्लॉक में तीसरी मंजिल से संविदा कर्मी का शव मिला। मामले में मृतक के पिता ने अफसर पर हत्या का आरोप लगाया है। मृतक कर्मी की पहचान मनीष सैनी के रूप में हुई। पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है।
राजस्थान हाई कोर्ट में शव मिलने के मामले में मृतक मनीष के पिता महेश सैनी ने हत्या का आशंका जाहिर की है। उन्होंने बताया कि मनीष की किसी से कोई दुश्मनी नहीं थी। वह अपने रास्ते जाता और अपने रास्ते आता था। आज भी सुबह करीब 4 बजे घर से जयपुर के लिए ट्रेन से गया था। मनीष सैनी के पिता महेश कहना है कि हमें करीब 10 बजे मनीष सैनी के आत्महत्या की सूचना मिली। ऑफिस के अधिकारियों पर मनीष के पिता ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि अफसरों ने उसे मरवाया है।
जानकारी के अनुसार बांदीकुई का मनीष संविदा पर नौकरी करता था। मनीष की नौकरी का केस हाईकोर्ट से मनीष जीत चुका था। SLP सुप्रीम कोर्ट में लगा रखी थी, जिसके चलते वह तनाव था। केस काफी पैसे खर्च हो गए थे। इस वजह से वह परेशान रहता था। अब मनीष की मौत के बाद पीड़ित परिवार ने न्याय की गुहार लगाते हुए कहा कि मोदी के राज न्याय मिलता है।
मनीष की शादी 2019 में हुई थी और मृतक मनीष सैनी की उम्र 33 वर्ष थी। बांदीकुई के गोलाडा के समीप गांव का रहने वाला है। मृतक के 2 बच्चे हैं। एक पुत्र शिवांश उम्र 2 वर्ष और एक पुत्री सुदीक्षा उम्र 4 वर्ष है। अब इन मासूम बच्चों के ऊपर से पिता का साया उठ गया है। एक बड़ा भाई और एक छोटा भाई मनीष दूसरे नंबर का था। घर की सारी जिम्मेदारी मनीष के ऊपर ही थी।