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Dausa News: महिला अकाउंटेंट की मौत के मामले में प्रताड़ना से तंग अधिकारी फंदे पर झृला, सुसाइड नोट में लिखा सच

Fri, 12 Jun 2026 02:05 PM IST
दौसा ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दौसा

सार

दौसा के सिकराय उपकोष कार्यालय से जुड़े घटनाक्रम ने नया मोड़ ले लिया है। जूनियर अकाउंटेंट शीतल मीणा की संदिग्ध मौत के एक दिन बाद उपकोष अधिकारी मनोज मीणा ने भी आत्महत्या कर ली, जिससे पूरे मामले को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं।
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महिला अकाउंटेंट की मौत के एक दिन बाद अधिकारी भी फंदे पर झृला - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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जिले के सिकराय उपखंड मुख्यालय स्थित उपकोष कार्यालय में कार्यरत जूनियर अकाउंटेंट शीतल मीणा की संदिग्ध मौत के एक दिन बाद उपकोष अधिकारी मनोज मीणा ने भी फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। शुक्रवार सुबह सिंदुकी निवासी मनोज मीणा का शव महवा स्थित उनके आवास पर फंदे से लटका मिला। सूचना पर महवा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को जिला अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया।

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पुलिस को मौके से एक सुसाइड नोट भी मिला है। सुसाइड नोट में मनोज मीणा ने अपने पिता के नाम लिखे पत्र में भुसावर के नायब तहसीलदार अरुण मीणा और सोनू मीणा पर प्रताड़ित करने के आरोप लगाए हैं। सोनू मीणा मृतक कनिष्ठ लेखाकार शीतल मीणा का भाई है, जबकि अरुण मीणा उसका रिश्तेदार बताया जा रहा है।

गौरतलब है कि सिकराय उपकोष कार्यालय में कार्यरत कनिष्ठ लेखाकार शीतल मीणा (25) की बुधवार देर रात जयपुर के एसएमएस अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई थी। ड्यूटी के दौरान अचानक तबीयत बिगड़ने पर उसे पहले उप जिला अस्पताल ले जाया गया था, जहां से गंभीर हालत में जयपुर रैफर किया गया था। शीतल मीणा के भाई मोहनलाल मीणा निवासी कैलाई ने मानपुर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराते हुए उपकोष अधिकारी मनोज मीणा और कार्यालय के अन्य कर्मचारियों पर शीतल को प्रताड़ित करने तथा किसी पेय पदार्थ में जहर देने का आरोप लगाया था।
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इधर मृतक मनोज मीणा के पिता ने बताया कि शीतल मीणा की मौत के बाद उनके बेटे के खिलाफ मामला दर्ज कराया गया था। उनका आरोप है कि गुरुवार को भुसावर के नायब तहसीलदार अरुण मीणा उनके घर आए थे और मनोज से बातचीत के दौरान उसे धमकाया था। इसके बाद वह तनाव में रहने लगा और देर रात उसने यह कदम उठा लिया।

घटना के समय मनोज मीणा घर पर अकेला था। उसकी पत्नी अपने पीहर गई हुई थी। परिजनों के अनुसार पत्नी ने कई बार फोन किया लेकिन मनोज ने कॉल रिसीव नहीं की। इसके बाद उसने पास में रहने वाले एक परिचित को घर भेजा। वहां पहुंचने पर मनोज के फंदे से लटके होने की जानकारी मिली।

शीतल मीणा की तबीयत बिगड़ने के मामले में मनोज मीणा ने पहले बताया था कि उस दिन कार्यालय में उच्च अधिकारियों का निरीक्षण चल रहा था। निरीक्षण टीम भी मौके पर मौजूद थी। शीतल किसी से मोबाइल पर बात कर रही थी और कार्यालय में घूम रही थी। कुछ देर बाद उसकी तबीयत बिगड़ गई और वह कार्यालय की सीढ़ियों पर बैठ गई। उसने पेट दर्द की शिकायत की, जिसके बाद स्टाफ उसे तत्काल अस्पताल लेकर गया। मनोज मीणा ने अपने ऊपर लगाए गए आरोपों को बेबुनियाद बताया था और शीतल की मौत के अगले ही दिन उन्होंने आत्महत्या कर ली।

पुलिस और कार्यालय कर्मचारियों के अनुसार घटना वाले दिन शीतल मीणा किसी काम से गीजगढ़ भी गई थी। वहां से लौटने के बाद वह कार्यालय में मौजूद थी। शाम करीब 5 से 5:30 बजे के बीच उसकी तबीयत बिगड़ी और उसे उल्टियां होने लगीं। घटना के बाद उसका टूटा हुआ मोबाइल फोन कार्यालय की टेबल पर मिला, जबकि उसकी स्कूटी पूरी रात कार्यालय परिसर में खड़ी रही। घटना की जानकारी मिलने पर महवा विधायक राजेंद्र मीणा अस्पताल पहुंचे और परिजनों से मुलाकात की। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की बात कही।
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मानपुर थाना अधिकारी सतीश मीणा ने बताया कि उपकोष कार्यालय में लगे सीसीटीवी कैमरे काफी समय से बंद पड़े हैं। शीतल मीणा की नियुक्ति जनवरी 2025 में उपकोष कार्यालय में हुई थी और उसकी अभी शादी नहीं हुई थी। फिलहाल पुलिस दोनों मामलों की जांच कर रही है। शीतल मीणा की मौत और उसके अगले दिन उपकोष अधिकारी मनोज मीणा की आत्महत्या के बाद पूरे क्षेत्र में चर्चा का माहौल है।

 

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