दौसा जिला मुख्यालय के मंडी रोड पर स्थित एक फर्नीचर गोदाम में भीषण आग लग गई। लकड़ी से बने फर्नीचर में शाम करीब 6 बजे लगी आग ने देखते ही देखते विकराल रूप ले लिया। आग की लपटें और धुआं दूर-दूर तक दिखाई देने लगा। आग की सूचना मिलते ही कोतवाली थाना प्रभारी भगवान सहाय शर्मा पुलिस जाप्ते के साथ मौके पर पहुंचे। साथ ही नगर परिषद के फायर स्टेशन से दमकलें भी मौके पर पहुंचीं और आग बुझाने के प्रयास शुरू किए गए। फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है।
मकान खाली कराए, बिजली आपूर्ति बंद
फर्नीचर गोदाम में आग लगने की घटना के बाद आसपास के घरों में रहने वाले लोगों में दहशत फैल गई। अनहोनी की आशंका के चलते लोग अपने घरों से बाहर निकलकर सड़क पर आ गए। कोतवाली थाना प्रभारी भगवान सहाय शर्मा समेत पुलिस जाप्ते ने तत्परता दिखाते हुए कॉलोनीवासियों को सुरक्षित दूरी पर हटाया और एहतियातन इलाके की बिजली आपूर्ति बंद कराई।
दूर तक दिखाई दीं आग की लपटें
फर्नीचर गोदाम में लगी आग इतनी भीषण थी कि उसकी लपटें और उठता धुआं शहर में दूर तक दिखाई दिया। घटना के समय शहर की छतों पर लोग पतंगबाजी का आनंद ले रहे थे, तभी उन्हें धुएं का गुबार उठता नजर आया। कुछ ही देर में आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और तेज लपटें दिखाई देने लगीं।
रिहायशी क्षेत्र में गोदामों की भरमार
शहर में आगजनी की यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले नया कटला स्थित एक दुकान में भी भीषण आग लग चुकी है। इसके अलावा गुप्तेश्वर रोड और बजरंग मैदान के पास भी घरों में बने गोदामों में आगजनी की घटनाएं हो चुकी हैं, जिनमें लाखों रुपये का नुकसान हुआ था।
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जान पर भारी पड़ सकती है लापरवाही
ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यह है कि शहर के रिहायशी इलाकों में नियमों के विपरीत संचालित किए जा रहे गोदामों पर नगर परिषद द्वारा अब तक कोई ठोस कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही है। जिम्मेदारों की यह लापरवाही कभी भी लोगों की जान पर भारी पड़ सकती है।