पुश्तैनी जमीन को लेकर दो परिवारों में खूनी संघर्ष
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दौसा जिले के गीजगढ़ कस्बे की गढ़ का कूवा वाली ढाणी में जमीन को लेकर दो परिवारों में चल रहा पुराना विवाद हिंसक रूप ले गया। देखते ही देखते दोनों गुट लाठी-डंडों के साथ आमने-सामने आ गए। इस दौरान महिलाओं को भी बेरहमी से घसीट-घसीटकर पीटा गया। घटना में छह लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं।
चचेरे भाइयों के बीच पुराना विवाद बना वजह
जानकारी के मुताबिक, कैलाश चंद और विजेंद्र के बीच पुश्तैनी जमीन को लेकर कई वर्षों से विवाद चल रहा है। कैलाश ने राजस्व कोर्ट में शुद्धिकरण का दावा भी दायर कर रखा है। मंगलवार सुबह कब्जे को लेकर दोनों पक्षों में फिर कहासुनी हुई, जो कुछ ही मिनटों में भीषण मारपीट में बदल गई।
दौड़ा-दौड़ाकर हमला, महिलाओं पर भी बरसाईं लाठियां
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में साफ दिख रहा है कि दोनों पक्षों के लोग लाठियों से एक-दूसरे पर बुरी तरह हमला कर रहे हैं। महिलाओं को भी नहीं छोड़ा गया और उन्हें दौड़ा-दौड़ाकर पीटा गया। हमले में कैलाश, तीन महिलाओं सहित कुल छह लोग गंभीर घायल हुए हैं। कैलाश को सिर और पीठ में भारी चोटें आईं, जिसके बाद उन्हें गंभीर हालत में हायर सेंटर रेफर किया गया।
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20–30 लोगों ने किया हमला, पुलिस पर सवाल
कैलाश पक्ष के परिवार जनों का आरोप है कि विजेंद्र के परिवार ने करीब 20–30 लोगों को इकट्ठा कर हमला किया। पीड़ितों का कहना है कि सुबह 9 से 11 बजे के बीच उन्होंने कई बार कंट्रोल रूम और थाने में कॉल की, लेकिन पुलिस समय पर नहीं पहुंची। परिजनों ने पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
घटना के बाद गांव में तनाव का माहौल है। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस बल तैनात कर दिया गया है और मामले की जांच जारी है।