पानी के लिए दौसा जिले में किल्लत बढ़ने लगी है। साथ ही ग्रामीणों में जलदाय विभाग के खिलाफ आक्रोश भी बढ़ता जा रहा है। दौसा-कुंडल रोड पर जाम लगाने के कारण सड़क के दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतारें लग गई। पानी की विकट समस्या को लेकर ग्रामीणों ने बताया कि गांव में पीने के पानी की भयंकर समस्या है। इसका जब तक समाधान नहीं होगा, तब तक आंदोलन नहीं रुकेगा।
सरपंच और ग्रामीणों ने जमकर जलदाय विभाग और जिला प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया। कालोता सरपंच विनोद कुमार ने बताया कि इस ढाणी में चार बोरवेल हैं, जिनका पानी पीने लायक नहीं है। हैंडपंपों का पानी जल संकट गहराने के कारण नीचे चला गया है। पानी की विकट समस्या को देखते हुए ग्रामीणों ने जाम लगाया हुआ है। सरपंच ने बताया कि मैंने इन्हें समझाने की कोशिश की है, लेकिन ग्रामीण जाम खोल नहीं रहे। लोगों का कहना है कि जब तक पानी की समस्या का समाधान नहीं होगा, तब तक सड़क मार्ग को नहीं खोलेंगे।
जनप्रतिनिधियों और प्रशासन ने पानी की समस्या का समाधान नहीं निकाला...
जाम के कारण सैकड़ों वाहन सड़क के दोनों तरफ अटके रहे। इससे वाहन चालकों को गर्मी में भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। सरपंच ने बताया कि ग्राम पंचायत द्वारा जनप्रतिनिधियों और प्रशासन को पानी की समस्या से अवगत करा दिया गया है। लेकिन अभी तक पानी की समस्या का कोई स्थाई समाधान नहीं हो पाया है।
स्थानीय कांग्रेस विधायक और मंत्री मुरारीलाल मीणा को भी जल मिशन योजना के तहत ग्रामीणों की पानी की समस्या का समाधान करने के लिए अनेकों बार लिखित और मौखिक रूप से निवेदन किया जा चुका है। लेकिन अभी तक यहां के ग्रामीणों की पानी की समस्या का कोई स्थाई समाधान नहीं हुआ है।
समाज सेवक ओम प्रकाश पुरोहित ने बताया कि जब तक ईआरसीपी लागू नहीं होगी, तब तक पानी की समस्या यूं ही बनी रहेगी। क्योंकि धरती में भी पानी खत्म हो गया है, जिसके कारण 200 से 300 फीट तक बोरवेल करवाने के बाद भी पीने योग्य पानी नहीं आ रहा है। चंबल परियोजना अगर सरकार केंद्र से सामंजस्य स्थापित कर लागू करवाए, तो दौसा जिले की पानी की समस्या का समाधान हो सकता है।
ग्रामीण महिलाओं ने सामूहिक रूप से बताया कि पानी यहां से तीन किलोमीटर दूर से लाना पड़ रहा है। ऐसी भयंकर गर्मी में पानी की समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है। जब तक सरकार के आला अधिकारी यहां आकर हमारी समस्या का समाधान नहीं करेंगे, तब तक हम नहीं जाम लगाए बैठे रहेंगे। ग्रामीणों ने बताया कि इस संदर्भ में जलदाय विभाग के उच्च अधिकारियों से वार्ता हो गई है। उपखंड अधिकारी ने बताया कि ग्रामीणों से वार्ता हुई है। ग्रामीणों को समझाने के बाद भी सड़क मार्ग को खोलने को तैयार नहीं हुए। मैंने तो समझाने की पूरी कोशिश की। अधिकारियों के आने के बाद ही सड़क मार्ग खोले जाने की संभावना है।
कोलवा थाना पुलिस मौके पर पहुंचकर जाम खुलवाया...
लगभग डेढ़ घंटा जाम लगने के बाद कोलवा थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जाम लगाने वालों से बातचीत और समझाइश की। पानी के मामले में उच्च अधिकारियों से बात करने के आश्वासन पर समझाइश की गई, तब जाकर जाम खुल पाया।