दौसा जिले में अरावली की पहाड़ियों का सीना चीरा जा रहा है। जिले के कई थाना इलाके जैसे लालसोट थाना अंतर्गत लाहड़ी वाला पपलाज माता रोड घाटा की आंतरी सहित पापड़दा थाना अंतर्गत खत्यारा ढाणी खवारावजी सहित जिले के कई इलाकों में अवैध खनन जारी है।
प्रदेश में जहां सरकार ने अवैध खनन पर पूर्णतया प्रतिबंध लगा रखा है और सरकारी विभागों के कारिन्दे भी दिखावे की कार्रवाई कर सरकार को आंकड़ों की पूर्ति भी कर रहे हैं। वहीं, दौसा जिले के पुलिस थाना पापड़दा के अंतर्गत लाहड़ी वाला, खत्यारा ढाणी सहित कालेड़ी, खवारावजी, सरदौंण में खनन माफिया अवैध तरीके से खनन कर लगभग 100 ट्रैक्टर-ट्रॉलिया रोजाना खनन करते हुए लालसोट थाने की सीमा से होते हुए राहुवास, नांगल राजावतान व पापड़दा की सीमाओं से होते हुए सदर थाना एवं कोतवाली थाना इलाके तक पहुंच रहे हैं।
वहीं, नांगल राजावतान थाना इलाके के खात्यावाली कोठी से खातेदारी व चारागाह भूमि से अवैध तरीके से मिट्टी की खुदाई कर सैकड़ों ट्रैक्टर-ट्रॉलिया रात के समय मिट्टी भरकर दौसा मुख्यालय तक पहुंच रहीं हैं। मजे की बात तो यह है कि सरकार का तंत्र पुलिस विभाग रेवेन्यू व खनिज विभाग के साथ एसडीएम तहसीलदारों की टीम कार्रवाई करती है। यह खानापूर्ति यह तो अवैध खनन की इन तस्वीरों से भी साफ हो जाता है।
जबकि राजस्थान की भजनलाल सरकार इन अवैध खनन माफिया के सख्त कार्रवाई के मूड में है। लेकिन जिनके कंधों पर यह जिम्मेदारी है, वह भी शहर खानापूर्ति में लगे हैं। प्रदेश भर में जहां सरकार ने अवैध खनन को रोकने के सरकारी आदेश जारी कर चुकी है। लेकिन अवैध खनन करने वाले नियमों को ताक पर रखकर अब अवैध खनन का यह काम दिन के बजाय रात में करने लगे हैं।
अवैध खनन की मार गरीब लोग पर ज्यादा पड़ रही है, जो अपने सिर पर छाया के लिए घर का निर्माण में जो पत्थर, मिट्टी, बजरी दोगने से कई गुणा भावों में खरीदने को मजबूर हैं। एक अनुमान के तहत पहले एक ट्रॉली पत्थर 2000 में आसानी से मिल जाती थी, वहीं अब 3500 से 4000 रुपये की मिल रही है। जो मिट्टी की ट्रॉली 700 से 1000 में मिलती थी, वह अब 2500 की मिल रही है। जो बजरी की ट्रॉली 10,000 से 12,000 में मिल रही थी, अब वह 22 से 25000 की मिल रही है, मतलब यह कि अवैध खनन के कारोबार में लगे लोगों की बल्ले-बल्ले हो चुकी है।
दौसा डीएफओ रामानंद भाकर की माने तो वन विभाग द्वारा अभी 15 दिनों में मात्र 40 पर कार्रवाई की है, उनमें से 11 ट्रैक्टर बजरी के बताए जा रहे हैं। शेष ट्रैक्टरों पर कार्रवाई हुई है, उनमें बजरी और लकड़ी दोनों शामिल हैं। अब वन अधिकारी भाकर का कहना है कि अवैध खनन की जहां भी सूचना मिलेगी टीम बड़ा कर तुरंत कार्रवाई की जाएगी। जबकि राजस्थान सरकार ने अवैध खनन पर पूरी तरह पाबंदी लगा दी है और दौसा जिले में यह तो बानगी भर है। कई जगह अभी भी अवैध खनन चल रहा है। इस पर समय रहते सरकार यदि कोई ठोस कानून बनाकर कार्रवाई करे तो जिले में चल रहे अवैध खनन पर रोक लगाई जा सकती है।