सांगानेर सदर इलाके में बक्सावाला रोड पर पांच दिन पहले दिनदहाड़े प्रॉपर्टी व्यवसायी और कांग्रेस नेता मदन गोपाल मोगरा की गोली मारने के बाद गला रेतकर हत्या करने की वारदात में शामिल बक्सावाला निवासी मुख्य आरोपी रामबाबू बागड़ा और उसके दो साथियों टोडाभीम, करौली निवासी महेश मीणा व सेक्टर 29 प्रताप नगर निवासी प्रिंस कुमार सिंह को सांगानेर सदर थाना पुलिस ने शनिवार को गिरफ्तार कर लिया। मोगरा ने डेढ़ माह पहले झगड़े में आरोपी की मां पर हाथ उठाया था।
डीसीपी साउथ मनीष अग्रवाल ने बताया कि मास्टरमाइंड रामबाबू ने मदन गोपाल मोगरा की हत्या की साजिश रची थी। इसमें अपने अलावा चार पांच अन्य लोगों को शामिल किया। जिसमें सांगानेर सदर एक हिस्ट्रीशीटर के भी लिप्त होने की जानकारी मिली है। मामले का खुलासा करने के लिए थानाप्रभारी धर्मवीर सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम गठित की गई थी।
28 फरवरी को सुबह करीब 11:30 बजे हत्याकांड में शामिल बदमाशों ने अपनी स्कॉर्पियो से पहले मोगरा की मोटर साइकिल को टक्कर मारी। फिर उसके सिर के पीछे गोली मारी। इसके बाद हत्यारों ने मोगरा के सिर पर धारदार हथियार से हमला भी किया और जिस कार से आए थे, उस कार के पहिए से सिर को कुचला गया और फिर वहां से भाग निकले। पुलिस हत्याकाण्ड में शामिल दूसरे लोगों के बारे में रामबाबू से पड़ताल कर रही है, साथ ही हत्या में प्रयुक्त पिस्टल, धारदार हथियारों के बारे में जानकारी जुटा रही है।
डेढ़ माह पहले झगड़े में मां पर हाथ उठाना भारी पड़ा
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- फोटो : vishnu sharma
पुलिस पूछताछ में रामबाबू बागड़ा ने बताया कि करीब डेढ़ माह पहले मदन गोपाल का स्थानीय व्यक्ति गोपाल कुम्हार से झगड़ा हो गया था। तब आरोपी रामबाबू ने गोपाल का पक्ष लिया। झगड़ा बढ़ने पर रामबाबू की मां भी बीच बचाव में आ गई।
जानकारी के मुताबिक तब मदन गोपाल ने स्थानीय लोगों के साथ मिलकर रामबाबू की पिटाई कर दी। तब मदन ने रामबाबू की मां पर भी हाथ उठा लिया। इसका बदला लेने के लिए हत्या को अंजाम दिया। इसके बाद रामबाबू ने अपने साथियों के साथ मिलकर मदनगोपाल की हत्या की साजिश रची। उसकी गतिविधियों पर नजर रखी और मौका पाकर 28 फरवरी को हत्या कर भाग निकले।