राजस्थान में जारी सियासी संकट के बीच मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने एक बार फिर केंद्र की भाजपा सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निशाने पर लिया है। गहलोत ने कहा कि आजादी के बाद कई प्रधानमंत्री बने और सभी ने लोकतंत्र को मजबूत करने का काम किया। लेकिन, आज जो देश में माहौल है वह चिंताजनक है।
गहलोत ने कहा कि आज चुनी हुई सरकारों को गिराने का काम किया जा रहा है। कर्नाटक में यह हुआ, मध्यप्रदेश में हुआ और राजस्थान में भी कोशिश की गई। कोरोना महामारी के दौर में भी इसकी चिंता वहीं की गई। उन्होंने कहा कि जिस लोकतंत्र के मजबूत करने में कई लोगों की जान गई आज वही लोकतंत्र खतरे में है।
गहलोत ने कहा, देश में लोकतंत्र मजबूत हुआ इसीलिए नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री बन पाए हैं। अगर देश का लोकतंत्र मजबूत नहीं होता और यहां भी पाकिस्तान जैसे हालात होते तो नरेंद्र मोदी भी प्रधानमंत्री नहीं बन पाते। मुख्यमंत्री गहलोत ने कहा कि यह बात नरेंद्र मोदी और उनकी पार्टी भाजपा को समझने की जरूरत है।
उन्होंने कहा, भारतीय जनता पार्टी को पता नहीं क्या हो गया है कि वह चुनी हुई सरकारें गिराने की कोशिश कर रही है। भाजपा ने कर्नाटक की सरकार गिरवा दी, मध्यप्रदेश की सरकार गिरवा दी। आज पूरा मुल्क चिंतित है क्योंकि डेमोक्रेसी (लोकतंत्र) खतरे में है। आज देश में जैसा माहौल बन गया है वह चिंताजनक है।
उन्होंने कहा, हमें आजादी मिली उसकी बहुत कीमत चुकानी पड़ी। उस कीमती आजादी की, आजादी के बाद में भी रक्षा की गई। पाकिस्तान की तरह भारत में सैनिकों का शासन नहीं हुआ। यहां 70 साल तक सरकारें बदलीं, कई प्रधानमंत्री आए कई चले गए, लेकिन सबने लोकतंत्र को मजबूत करने का काम किया।
राज्य में सियासी उठापटक के बीच कांग्रेस ने रविवार को राज्यपाल कलराज मिश्र पर विधानसभा सत्र को लेकर सवाल उठाए। कांग्रेस ने मिश्र पर आरोप लगाया कि उन्होंने गहलोत सरकार की मांग पर 'सतही और प्रेरित' सवाल उठाकर 'लोकतंत्र को बाधित करने का सबसे खराब तरीका' अपनाया है। कांग्रेस ने कहा कि सरकार विधानसभा में बहुमत साबित करना चाहती है लेकिन राज्यपाल केंद्र सरकार के इशारे पर सदन का सत्र बुलाने और विश्वास मत में 'देरी' कर रहे हैं।