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Rajasthan: महंगाई के विरोध में कांग्रेस का प्रदर्शन, डोटासरा बोले- देश में अराजकता का माहौल, बेरोजगारी भी चरम

Fri, 05 Aug 2022 09:41 PM IST
उदित दीक्षित न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर

सार

डोटासरा ने कहा, देश की जनता 70 साल का हिसाब मांगने वाले लोगों से 8 साल में बढ़ी मंहगाई और बेरोजगारी पर जवाब मांग रही है। कांग्रेस के जनप्रतिनिधि संसद में मंहगाई पर चर्चा करना चाहते हैं। मोदी सरकार को जनता से किए वादे याद दिलाकर 8 साल का हिसाब मांगना चाहते हैं, लेकिन उन्हें इन मुद्दों पर चर्चा नहीं करनी है।
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कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने दी गिरफ्तारी। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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देश में बढ़ती महंगाई और बेरोजगारी को लेकर शुक्रवार को कांग्रेस ने जयपुर सहित राजस्थान के कई जिलों में विरोध-प्रदर्शन किया। जयपुर में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के नेतृत्व में प्रदर्शन किया। इस दौरान कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने सिविल लाइन पर प्रदर्शन व राजभवन का घेराव कर सामूहिक गिरफ्तारी दी।

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इस दौरान कांग्रेस कार्यकताओं को डोटासरा ने संबोधित किया। उन्होंने कहा, आज देश में अराजकता का माहौल है, मंहगाई और बेरोजगारी चरम पर है। केंद्र सरकार की गलत नीतियों के विरोध में कांग्रेस अध्यक्षा सोनिया गांधी और कांग्रेस नेता राहुल गांधी के नेतृत्व में देश भर में विरोध-प्रदर्शन किया गया। डोटासरा ने कहा, नरेंद्र मोदी पीएम बनने से पहले मंहगाई और बेरोजगारी घटाने के बड़े-बड़े दावे करते थे। भ्रष्टाचार, आतंकवाद खत्म करने, किसानों की आय दुगुनी और युवाओं को दो करोड़ रोजगार देने का वादा करते थे, लेकिन प्रधानमंत्री बनने के बाद उन्होंने जनता से किए वादों को भुला दिया है। 

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डोटासरा ने कहा, देश की जनता 70 साल का हिसाब मांगने वाले लोगों से 8 साल में बढ़ी मंहगाई और बेरोजगारी पर जवाब मांग रही है। कांग्रेस के जनप्रतिनिधि संसद में मंहगाई पर चर्चा करना चाहते हैं। मोदी सरकार को जनता से किए वादे याद दिलाकर 8 साल का हिसाब मांगना चाहते हैं, लेकिन उन्हें इन मुद्दों पर चर्चा नहीं करनी है। मूलभूत आवश्यकता की वस्तुओं की जिस प्रकार से वृद्धि हुई है उससे आम आदमी के घर का बजट गड़बड़ा गया है। माताओं और बहनों को गैस सिलेंडर भरवाने में परेशानी हो रही है। बच्चों को दूध-दही खिलाने में भी मुश्किल हो रही है। 

डोटसरा ने कहा, यूपीए शासन के दौरान अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें चरम पर थी, लेकिन तत्कालीन मनमोहन सिंह की सरकार ने करों का पुर्नभरण कर पेट्रोल-डीजल के दामों में मूल्य वृद्धि को रोकने में सफलता पाई थी। आज के हालात में मंहगाई के कारण लोगों का जीना दूभर हो गया है। कांग्रेस और उसके कार्यकर्ता देशभर में प्रदर्शन कर मोदी सरकार को चेतावनी दे रहे हैं कि मंहगाई करें।  
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डोटासरा ने कहा कि भाजपा भाई को भाई से लड़ा रही है। संवैधानिक संस्थाओं का दुरूपयोग कर मंहगाई और बेरोजगारी जैसे मूल मुद्दों से जनता का ध्यान भटकाने का काम कर रही है। यूपीए शासन के दौरान पेट्रोल की कीमत 70 से 72 रुपये थी और अब 100 रुपये से अधिक हो गई है। पेट्रोल के दामों में 35 प्रतिशत और डीजल के दाम में 36 से 40 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी हुई है। एलपीजी गैसे सिलेंडर के दाम 125 फीसदी बढ़ गए हैं। अरहर दाल 22, सोयाबीन तेल 76, सरसों तेल 59 और चाय के दामों में 40 फीसदी की वृद्धि हुई है।  

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