कृषि भूमि पर बने आवासीय भूखंडों को फ्री होल्ड पट्टे जारी किए जाएंगे।
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राजस्थान के नगरीय क्षेत्रों और नगरपालिका सीमा क्षेत्रों के गांवों में कृषि भूमि पर बने आवासीय भूखंडों को फ्री होल्ड पट्टे जारी किए जाएंगे। सीएम गहलोत ने 'प्रशासन शहरों के संग अभियान' के तहत स्टाम्प शुल्क, फ्री होल्ड पट्टे, लीज मुक्ति प्रमाण पत्र के लिए शेष लीज राशि जमा कराने, ब्याज दरों सहित अन्य प्रकरणों में छूट की समय सीमा को 30 सितंबर 2023 तक बढ़ा दिया है।
माना जा रहा है गहलोत ने चुनावी साल में किसानों और आम जनता को राहत देने के लिए इस प्रस्ताव को मंजूरी दी है। सरकार के इस फैसले से अभियान के कामों में आसानी होगी। अधिकारियों की ओर से नियमों के कारण पट्टे अटकाए नहीं जा सकेंगे।
10 साल की लीज एकमुश्त जमा कराने पर फ्री होल्ड पट्टे
नगरीय क्षेत्रों की पैरिफेरी में स्थित गांवों की आबादी के 500 मीटर की परिधि में आने वाली कृषि भूमि, जिस पर 31 दिसंबर 2013 से पहले आवासीय निर्माण हो चुका है, ऐसी भूमि पर 300 वर्गमीटर तक के आवासीय भूखंडों के लिए 5 रुपए प्रति वर्गमीटर की प्रीमियम रेट पर फ्री होल्ड पट्टे जारी किए जा सकेंगे। इसके लिए 10 साल की लीज राशि एकमुश्त जमा करानी होगी।
साथ ही, नगर पालिका सीमा में कृषि भूमि पर स्थित ऐसे भूखण्ड, जो पुरानी आबादी क्षेत्र के पास 2 मई, 2012 से पूर्व उपयोग होकर बिखरे हुए निर्मित भूखण्ड के रूप में मौजूद हैं। ऐसे भूखण्डों पर 300 वर्गमीटर तक के लिए 501 रुपए एकमुश्त और निर्धारित प्रीमियम राशि से 10 वर्ष की एकमुश्त लीज राशि जमा कराने पर फ्री-होल्ड पट्टे जारी किए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने वर्ष 2023-24 के बजट में प्रशासन शहरों के संग अभियान के अंतर्गत दी जा रही विभिन्न छूटों की समय अवधि बढ़ाए जाने की घोषणा की गई थी। जिसका इंप्लीमेंटेशन करते हुए यह निर्णय लिया गया है।