पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना (ईआरसीपी) को लेकर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने केंद्रीय जलशक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत की अदावत थमने का नाम नहीं ले रही है। ईआरसीपी को लेकर सीएम गहलोत ने शेखावत को निकम्मा बता दिया। सीएम के इस बयान के बाद प्रदेश की राजनीति एक बार फिर गर्मा सकती है।
दरअसल, ईआरसीपी को लेकर 13 जिलों के विधायकों और कांग्रेस नेताओं की बैठक में गहलोत ने शेखावत पर हमला किया। उन्हेंने कहा, गजेंद्र सिंह खुद पीएम मोदी की सभा में मौजूद थे। फोटो में आपने देखा होगा, इसके बाद भी वह इस तरह की बात कह रहे हैं। इसका मतलब है कि वह बैठक में एब्सेंट माइंड रहते हैं। प्रधानमंत्री की मीटिंग में एब्सेंट माइंड रहना क्या अच्छी बात है? इसका मतलब है कि प्रधानमंत्री जी ने ऐसे निकम्मे मंत्री को रखते ही क्यों हो जो मीटिंग में एब्सेंट माइंड रहता है।
पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना (ERCP) पर जनप्रतिनिधि-मीडिया आमुखीकरण कार्यशाला
— Ashok Gehlot (@ashokgehlot51) July 2, 2022
गहलोत ने कहा, केंद्र सरकार के जलशक्ति मंत्रालय ने राजस्थान सरकार को ईआरसीपी का काम रोकने के लिए कहा है। हमारी सरकार ने ईआरसीपी के लिए 9,600 का बजट राज्य कोष से जारी किया है। जब इस प्रोजेक्ट में अभी तक राज्य का पैसा लग रहा है और पानी हमारे हिस्से का है तो केंद्र सरकार हमें ईआरसीपी का काम रोकने के लिए कैसे कह सकती है? राजस्थान के 13 जिलों की जनता देख रही है कि उनके हक का पानी रोकने के लिए केंद्र की भाजपा कैसे रोड़े अटका रही है। प्रदेश सरकार योजना को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है।