राजस्थान के झुंझुनूं में एक छात्र के विरोध प्रदर्शन की खूब चर्चा हो रही है। केंद्रीय विद्यालय में 9वीं क्लास में पढ़ने वाला ये छात्र होलिडे होमवर्क के खिलाफ धरने पर बैठ गया। प्रांजल ने रविवार को कलेक्ट्रेट के सामने टेबल चेयर लगाई और वहीं बैठकर हॉलिडे होमवर्क करने लगा। प्रांजल के इस अनोखे विरोध प्रदर्शन अब खूब चर्चा हो रही है। प्रांजल का कहना है कि होलिडे मतलब छुट्टी होता है। होलिडे होमवर्क बच्चे के मूल अधिकार का उल्लघंन है और वह इसका लगातार विरोध करेगा।
प्रांजल ने बताया कि होलिडे होमवर्क के खिलाफ वह हर रविवार को दो घंटे इसी तरह विरोध प्रदर्शन करेगा। सुबह 10 से दोपहर 12 बजे तक वह कलेक्ट्रेट के सामने होलिडे होमवर्क करते हुए धरने पर बैठेगा। प्रांजल का कहना है कि स्वस्थ जीवन के लिए अवकाश जरूरी है। बच्चों के लिए अवकाश इसलिए भी अधिक जरूरी है ताकि उन्हें खेलने के लिए समय मिल सके और पढ़ाई के अलावा अन्य चीजों का भी हिस्सा बन सकें। इससे बच्चों का शारीरिक और मानसिक दोनों तरह का विकास होता है।
बतादें कि इस विरोध प्रदर्शन में प्रांजल की मां अनामिका भी उसका साथ दे रही हैं। अनामिका ने बताया कि प्रांजल हॉलिडे होमवर्क के विरोध में जिला कलेक्टर, एसपी और केंद्रीय विद्यालय के प्राचार्य समेत अन्य अधिकारियों को भी पत्र लिख चुका है, लेकिन अब तक उसकी मांग पर किसी ने ध्यान नहीं दिया, जिसके बाद उसने धरने पर बैठने का फैसला किया।
अनामिका ने कहा कि अवकाश सभी के लिए जरूरी है, चाहे वह बड़े हों या बच्चे, अवकाश का अर्थ और महत्व सभी के लिए एक जैसा ही होता है। देश में कुछ अभिभावक और शिक्षण संस्थानों से जुड़े लोग नकारात्मक विचारधारा रखते हैं। वे सिर्फ बच्चों को सिर्फ पढ़ते हुए देखना चाहते हैं। छुट्टी पर भी पढ़ो-पढ़ो की ही रट लगाए रहते हैं। इससे बच्चों पर लगातार तनाव में आ रहे हैं। इसलिए आत्महत्या के केस भी बढ़ रहे हैं।