चित्तौड़गढ़ जिले के निम्बाहेड़ा उपखंड क्षेत्र स्थित गंभीरी बांध के शनिवार दोपहर दो गेट पहली बार खोले गए। लगातार हो रही बारिश और बांध में तेजी से बढ़ते जलस्तर को देखते हुए जल संसाधन विभाग ने यह निर्णय लिया। दोपहर में उपखंड अधिकारी विकास पंचोली ने पूजा-अर्चना के बाद दोनों गेट दो-दो मीटर तक खोले। इसके बाद गंभीरी नदी में पानी का बहाव तेज हो गया। वहीं, उदयपुर जिले में हुई भारी बरसात से अब घोसुंडा बांध के भी छलकने की उम्मीद जताई जा रही है।
जल संसाधन विभाग ने जारी की चेतावनी
गंभीरी बांध के गेट खुलने के बाद जल संसाधन विभाग ने आमजन को चेतावनी जारी की है। विभाग ने लोगों से नदी और पुलियों के पास गतिविधियों से दूर रहने और सावधानी बरतने की अपील की है। शुक्रवार रात निम्बाहेड़ा और मध्यप्रदेश क्षेत्र में हुई भारी बरसात से बांध में पानी की आवक तेज हो गई थी, जिसके चलते गेट खोलने का निर्णय लिया गया। इससे पहले जिला कलक्टर आलोक रंजन ने बांध का निरीक्षण भी किया था।
बारिश से जलस्तर में बढ़ोतरी, घरों में घुसा पानी
जिले में लगातार बारिश से नदी-नालों में पानी उफान पर है। चित्तौड़गढ़ शहर के कई हिस्सों में निकासी नहीं होने से घरों में पानी घुस गया। सेंती, पंचवटी और बीज भंडार के समीप की बस्तियों में करीब दो दर्जन घर जलभराव से प्रभावित हुए हैं।
जिले में 116 प्रतिशत तक पहुंचा वर्षा का औसत
लगातार हो रही बरसात से चित्तौड़गढ़ जिले में अब तक 116 प्रतिशत औसत वर्षा दर्ज की जा चुकी है। जिले की औसत वर्षा 868.67 मिमी तक पहुंच गई है, जबकि बस्सी क्षेत्र में सबसे अधिक 1323 मिमी वर्षा हुई है। शनिवार सुबह तक पिछले 24 घंटों में कपासन में 66 मिमी, बस्सी में 52, निम्बाहेड़ा में 41, भूपालसागर और गंगरार में 35-35, डूंगला में 32 और चित्तौड़गढ़ में 26 मिमी बरसात दर्ज हुई।
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कपासन और बस्सी क्षेत्र में जलभराव से बढ़ी परेशानी
कपासन क्षेत्र में राजराजेश्वर तालाब में पानी की आवक शुरू हो गई है और गुलाब सागर भी छलकने की स्थिति में है। यहां लंबे समय से बारिश न होने पर धार्मिक अनुष्ठान किए गए थे, लेकिन अब बारिश से लोगों के चेहरों पर राहत नजर आ रही है। दूसरी ओर, बस्सी क्षेत्र में 50 इंच से अधिक वर्षा होने से नदी-नाले उफान पर हैं। बस्सी बांध पर डेढ़ फीट की चादर चल रही है, जबकि शिव सागर तालाब का पानी घरों में घुस जाने से ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ा। कई संपर्क मार्ग भी पानी में डूबने से बाधित हो गए हैं।
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