विश्व विख्यात चित्तौड़ दुर्ग को सिंगल यूज प्लास्टिक से मुक्त रखा जाएगा। सिंगल यूज प्लास्टिक के उपयोग को रोकने तथा ऐतिहासिक धरोहर चित्तौड़ दुर्ग को प्रदूषण से मुक्त करने के लिए शीघ्र ही अभियान चलाया जाएगा। इस संबंध में जिला कलेक्टर ने प्रदूषण नियंत्रण मंडल के अधिकारियों को भी निर्देशित किया है। इसके साथ ही दुर्ग पर सुविधाएं बढ़ाने के भी प्रयास करने की बात जिला कलक्टर ने कही है। दुर्ग के निवासियों और व्यापारियों को भी स्वच्छता अभियान से जोड़ा जाएगा।
जानकारी के अनुसार चितौड़गढ़ जिला कलेक्टर आलोक रंजन ने गुरुवार शाम को मीडिया से चर्चा की। इस दौरान उन्होंने कहा कि वर्ल्ड हेरिटेज में शामिल ऐतिहासिक चित्तौड दुर्ग की सुन्दरता को बनाए रखने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। इसके लिए यहां पर सिंगल यूज प्लास्टिक पर पूर्णतया रोक लगाई जाएगी। इसके लिए दुर्ग स्थित मंदिरों के महंत, प्रसाद विक्रेताओं, अल्पाहार विक्रेताओं सहित अन्य छोटे बड़े दुकानदारों के साथ बैठक लेंगे। इस दौरान सभी को निर्देशित किया जाएगा कि सिंगल यूज प्लास्टिक पर रोक लगे। इस दौरान जिला कलक्टर ने प्रदूषण नियंत्रण मंडल के अधिकारियों को भी बुलाया। इसमें पॉल्यूशन विभाग और नगर परिषद के साथ दुर्ग पर सिंगल यूज प्लास्टिक की थैलियों, चाय के ग्लास सहित अन्य प्रदूषण फैलाने वाली वस्तुओं के विरुद्ध अभियान चलाने को कहा। दुर्ग पर प्लास्टिक की बोतलों को नष्ट करने के लिए लगाई गई मशीनों को रिपेयर कर भीड़ भाड़ वाले स्थानों पर लगाया जाएगा। इससे इनका अधिकतम उपयोग हो सके। सिंगल यूज प्लास्टिक से फैलने वाले प्रदूषण के प्रति जागरूकता के कार्यक्रम कर आमजन को इस मुहिम से जोड़कर अभियान को सफल बनाने के प्रयास होंगे।
उन्होंने बताया कि आगामी दिनों में दुर्ग के निवासियों, यहां कार्य करने वाले गाइड व फोटोग्राफर के अलावा दुर्ग स्थित चार प्रमुख मंदिरों के मठाधीशों से भी अलग अलग चर्चाएं कर इस विरासत को सहेजने के लिए प्रेरित किया जाएगा। इसके लिए जो भी बजट होगा वह भामाशाहों से लिया जाएगा।
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दिसम्बर में होगी रन फॉर फोर्ट
इसके अलावा दुर्ग पर पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए दिसम्बर माह में दुर्ग पर सांस्कृतिक कार्यक्रम व रन फार फोर्ट भी आयोजित करवाया जाएगा। बैठक में पत्रकारों के दिये सुझावों को भी उन्होंने अपनी कार्य योजना में शामिल किया है।
महिलाओं के लिए बनेंगे पिंक शौचालय
जिला कलक्टर ने बताया कि दुर्ग पर शौचालय की कमी है। दुर्ग पर आने वाले हजारों देशी विदेशी पर्यटकों के लिए शौचालय निर्माण कराए जाएंगे। यहां आने वाली महिला पर्यटकों के लिए एक बड़ी समस्या है। इसके चलते उन्होंने फतह प्रकाश प्रांगण जो कि राज्य सरकार के अधीन है के स्थान पर एक सुलभ काम्प्लेक्स बनवाने की योजना बनाई है इसके अलावा विभिन्न स्मारकों के आसपास महिलाओं के लिए अस्थायी पिंक शौचालय भी बनवाए जाएंगे।