रसद विभाग ने ग्राहक बनकर की कार्रवाई
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चित्तौड़गढ़ जिले में रसद विभाग ने अवैध गैस रीफिलिंग के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए लोहे की केबिन में चल रहे गैरकानूनी कारोबार का पर्दाफाश किया है। लगातार मिल रही शिकायतों के बाद रसद विभाग की टीम ने रणनीति के तहत उपभोक्ता बनकर मौके पर पहुंचकर जांच की और अवैध गतिविधि का खुलासा किया।
कैफे के पास लोहे की केबिन में हो रही थी रीफिलिंग
रसद विभाग की प्रवर्तन अधिकारी सुमन तिवारी ने बताया कि चित्तौड़गढ़-उदयपुर सिक्सलेन पर भादसोड़ा चौराहे के पास, श्री कैफे के नजदीक अवैध गैस रीफिलिंग की शिकायतें लंबे समय से मिल रही थीं। यह इलाका भगवान श्री सांवलियाजी मंदिर जाने वाले श्रद्धालुओं की आवाजाही वाला क्षेत्र है, जहां इस तरह की गतिविधि से बड़े हादसे की आशंका बनी रहती है।
उपभोक्ता बनकर युवक से की बात, खुला पूरा खेल
रविवार अपराह्न रसद विभाग की टीम मौके पर पहुंची। मुखबिर की सूचना के अनुसार वहां दो गैस सिलेंडर रखे मिले और एक युवक मौजूद था। टीम ने उपभोक्ता बनकर उससे गैस रीफिलिंग की बात की। युवक ने अपना नाम गोविंद पुत्र प्यारचंद माली बताया और रीफिलिंग करने की बात स्वीकार की। इसके बाद उसने केबिन का शटर हटाया, जहां अंदर गैस सिलेंडर और रीफिलिंग की मशीनें रखी हुई मिलीं।
आठ सिलेंडर और दो मशीनें जब्त
स्थिति स्पष्ट होते ही प्रवर्तन अधिकारी सुमन तिवारी और इंस्पेक्टर विजय कुमार थालौड़ ने अपना परिचय देकर कार्रवाई शुरू की। मौके से कुल आठ गैस सिलेंडर और दो गैस रीफिलिंग मशीनें जब्त की गईं। मामले में आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई है।
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रसद विभाग ने बताया कि इस प्रकरण में अग्रिम कार्रवाई के तहत जिला कलेक्टर की कोर्ट में परिवाद पेश किया जाएगा। विभाग का कहना है कि श्रद्धालुओं की आवाजाही वाले क्षेत्र में इस तरह की अवैध रीफिलिंग से जान-माल का गंभीर खतरा बना रहता है, जिसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।
कार्रवाई की खबर से मचा हड़कंप
अवैध गैस रीफिलिंग के खिलाफ कार्रवाई की सूचना फैलते ही आसपास के क्षेत्र में इस तरह का कारोबार करने वाले अन्य दुकानदारों में हड़कंप मच गया। जानकारी के अनुसार कई स्थानों पर दुकानदार ताले लगाकर फरार हो गए। रसद विभाग ने संकेत दिए हैं कि इस तरह की गतिविधियों पर आगे भी सख्त नजर रखी जाएगी।