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Chittorgarh News: एसआईआर फॉर्म भरने के बहाने बुलाकर धर दबोचा, ANTF के जाल में फंसा 25 हजार का इनामी ड्रग तस्कर

Thu, 04 Dec 2025 10:38 PM IST
प्रिया वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चित्तौड़गढ़

सार

चित्तौड़गढ़ एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स ने एसआईआर के बहाने 25 हजार रुपये के इनामी आरोपी को फॉर्म भरने बुलाया और घेराबंदी करके धर दबोचा। आरोपी तीन राज्यों में फैले नशा तस्करी नेटवर्क का किंगपिन था और करोड़ों रुपये की एमडी ड्रग्स की सप्लाई करता था।
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एसआईआर फार्म भरने के बहाने तस्कर गिरफ्तार - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स की टीम ने 25 हजार रुपये के इनामी अंतरराज्यीय ड्रग तस्कर को मध्यप्रदेश से गिरफ्तार किया है। यह आरोपी तीन राज्यों में फैले नशा सप्लाई नेटवर्क का किंगपिन था और करोड़ रुपये से कम की ड्रग खेप सप्लाई नहीं करता था। आरोपी को पकड़ने में चित्तौड़गढ़ एएनटीएफ टीम के सिपाहियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। टीम ने चालाकी से एसआईआर कार्मिक बनकर उसे फॉर्म भरने के बहाने बुलाया और मौके पर दबोच लिया।

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एटीएस के महानिरीक्षक विकास कुमार ने बताया कि अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस दिनेश एम.एन. के निर्देशन में चलाए जा रहे अभियान के तहत एएनटीएफ टीम ने मध्यप्रदेश के नीमच जिले के मनासा थाना क्षेत्र के अचलपुरा निवासी कैलाशचंद्र पुत्र प्रकाशचंद्र खाती पटेल को गिरफ्तार किया।

कैलाशचंद्र पिछले चार वर्षों से एनडीपीएस एक्ट के मामलों में फरार था और राजस्थान के तीन जिलों और मध्यप्रदेश में वांछित था। वर्ष 2022 में राजसमंद पुलिस अधीक्षक ने उस पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। आरोपी अब तक चार अलग-अलग मामलों में वांछित पाया गया है।
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जांच में सामने आया कि आरोपी कैलाशचंद्र ने खुद कभी मादक पदार्थ की खेती नहीं की लेकिन वह राजस्थान, मध्यप्रदेश, मारवाड़ और पंजाब के सीमावर्ती जिलों तक नशे की तस्करी का मुख्य सरगना बन गया था। वह खुद नशे की सप्लाई नहीं करता था, बल्कि अपने ड्राइवरों और एजेंटों के माध्यम से खेप भिजवाता था।

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चित्तौड़गढ़ एएनटीएफ टीम आरोपी पर लगातार नजर रखे हुए थी। जब भी गिरफ्तारी की कोशिश होती, वह ठिकाना बदल देता था। इस बीच टीम को मुखबिर से सूचना मिली कि कैलाशचंद्र का नाम दो अलग-अलग जगहों पर मतदाता सूची में दर्ज है और उसे राजनीति में भी रुचि है।

इसके बाद टीम ने चालाकी से योजना बनाई और टीम के सदस्य एसआईआर कर्मी बनकर उसके गांव पहुंचे और परिवार को बताया कि उसका नाम दो जगह दर्ज है, जिसे सुधारने के लिए उसे खुद फॉर्म भरना होगा, नहीं तो उसका नाम वोटर लिस्ट से हटा दिया जाएगा।

परिवार ने बताया कि वह कभी-कभी गांव आता है और अगले दिन शाम 5 बजे गांव के बाहर होटल पर मिलेगा। तय समय पर टीम का एक सदस्य फॉर्म लेकर वहां पहुंचा, जबकि बाकी टीम आसपास छिपी रही। जैसे ही कैलाश होटल पहुंचा और उसकी पहचान पुख्ता हुई, टीम ने घेराबंदी कर उसे मौके पर गिरफ्तार कर लिया।
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एएनटीएफ ने आरोपी से नशे की सप्लाई चेन और विदेशी कनेक्शन को लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि कैलाशचंद्र से मिलने वाले इनपुट के आधार पर राजस्थान-मध्यप्रदेश-पंजाब ड्रग नेटवर्क के कई और लिंक सामने आने की संभावना है।

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