नीलिया महादेव झरने में डूबे युवकों की संख्या बढ़कर तीन
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जिले के बस्सी थाना क्षेत्र स्थित नीलिया महादेव झरने में डूबे युवकों की संख्या बढ़कर तीन हो गई है। इनमें से एक युवक का शव रविवार शाम को ही मिल गया था लेकिन बाद में जानकारी मिली कि उसके साथ दो और युवक भी मौजूद थे, जो लापता थे। सोमवार को सिविल डिफेंस की टीम ने करीब चार घंटे की मशक्कत के बाद दोनों युवकों के शव भी बरामद कर लिए। मौके पर बस्सी थाना पुलिस मौजूद रही। तीनों शवों को बस्सी अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया, जहां पोस्टमार्टम की कार्रवाई की जा रही है।
गौरतलब है कि जिले में पिछले दो दिनों से मानसून सक्रिय है, जिससे झरनों और जलाशयों में पानी की आवक तेज हो गई है। रविवार को कई लोग नीलिया महादेव झरने पर पिकनिक मनाने पहुंचे थे। इसी दौरान एक युवक डूब गया, जिसे मौके पर मौजूद लोगों ने बाहर निकाल लिया। उसकी पहचान नागौर जिले के मोकलपुर निवासी नरेंद्र (21) पुत्र बाबूलाल जाट के रूप में हुई।
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बाद में जानकारी मिली कि नरेंद्र के साथ दो अन्य युवक भी मौजूद थे, जो तब से लापता थे। बस्सी थानाधिकारी मनीष वैष्णव के नेतृत्व में रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया। सोमवार सुबह सिविल डिफेंस की टीम ने कुंड में गहराई तक सर्च ऑपरेशन चलाया और दोनों युवकों के शव बरामद किए। मृतकों की पहचान प्रदीप (22) पुत्र श्रवणराम विश्नोई, निवासी बालाजी नगर, लूणी, जोधपुर और नरेंद्र (20) पुत्र सीताराम जाट, निवासी सातलावास, जोधपुर के रूप में हुई है। तीनों युवक चित्तौड़गढ़ की उपनगरी चंदेरिया में रहकर नर्सिंग की पढ़ाई कर रहे थे।
पुलिस जांच में सामने आया कि युवक बाइक से झरने तक पहुंचे थे। घटनास्थल से उनकी बाइक और मोबाइल भी मिले हैं, जिनके आधार पर शवों की पहचान की गई और परिजनों को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही परिजन बस्सी अस्पताल पहुंच गए।
सोमवार को रेस्क्यू के दौरान कुछ अन्य युवक भी झरने के तेज बहाव में फंस गए थे। मौके पर मौजूद सिविल डिफेंस टीम ने तत्परता दिखाते हुए उन्हें सुरक्षित बाहर निकाल लिया। पुलिस और प्रशासन ने जनता से अपील की है कि मानसून के दौरान जलाशयों और झरनों में न उतरें और तेज बहाव वाले स्थानों से दूर रहें, ताकि ऐसे हादसों से बचा जा सके।