सार
चित्तौड़गढ़ के चंदेरिया में ट्रांसफार्मर के करंट की चपेट में आने से छह वर्षीय सुमित बंजारा की मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों और समाज के लोगों ने जिला अस्पताल में प्रदर्शन किया। प्रशासन से वार्ता के बाद 11 लाख रुपये की आर्थिक सहायता, सरकारी योजनाओं का लाभ और मृतक के पिता को संविदा पर नौकरी देने पर सहमति बनी।
ग्रामीणों को समझाइश देते विधायक आक्या
- फोटो : Amar Ujala
चित्तौड़गढ़ जिले के चंदेरिया क्षेत्र में ट्रांसफार्मर के करंट की चपेट में आने से छह वर्षीय मासूम की मौत के बाद शनिवार को जिला चिकित्सालय में तनावपूर्ण माहौल बन गया। परिजनों, बंजारा समाज के लोगों और जनप्रतिनिधियों ने उचित मुआवजे तथा जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। पुलिस और प्रशासन की मौजूदगी में कई दौर की बातचीत के बाद सहमति बनी, जिसके बाद बच्चे के शव का पोस्टमार्टम कराया गया।
खेलते-खेलते ट्रांसफार्मर के पास पहुंचा था मासूम
जानकारी के अनुसार, चंदेरिया स्थित एफसीआई गोदाम के पीछे रहने वाला छह वर्षीय सुमित बंजारा शुक्रवार शाम अपने दोस्तों के साथ खेल रहा था। इसी दौरान वह वार्ड नंबर-6 की गली नंबर-2 में लगे ट्रांसफार्मर के पास पहुंच गया और करंट की चपेट में आ गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, करंट का झटका इतना तेज था कि उसका पैर बुरी तरह झुलस गया। परिजन तुरंत उसे जिला चिकित्सालय लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।
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अस्पताल में हंगामा
शनिवार को मासूम की मौत से आक्रोशित परिजन, बंजारा समाज के लोग और स्थानीय जनप्रतिनिधि बड़ी संख्या में जिला अस्पताल पहुंचे। उन्होंने परिवार को आर्थिक सहायता और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन किया।
11 लाख रुपये की सहायता और नौकरी पर सहमति
क्षेत्रवासी दिनेश गवारिया ने बताया कि ट्रांसफार्मर के नीचे लगे बॉक्स के खुले तारों के कारण मासूम करंट की चपेट में आया। प्रशासन, जनप्रतिनिधियों और समाज के लोगों के बीच हुई वार्ता के बाद समझौता हुआ।समझौते के तहत बिजली विभाग की ओर से 5 लाख रुपये, विधायक मद से 2 लाख रुपये और विभाग के ठेकेदार की ओर से 4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने पर सहमति बनी। इसके अलावा परिवार को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने और मृतक के पिता को संविदा पर नौकरी देने का भी आश्वासन दिया गया। इसके बच्चे के शव का पोस्टमार्टम कराया गया और अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को सौंप दिया गया।