एसीबी मुख्यालय के निर्देश पर एसीबी की चित्तौड़गढ़ की टीम ने शनिवार रात नगर परिषद के जमादार जयराज कण्डारा को परिवादी से 10 हजार रुपये की रिश्वत राशि लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। परिवादी के बकाया वेतन सहित अन्य कार्यों को लेकर यह रिश्वत ली गई थी। एसीबी चित्तौड़गढ़ की टीम ने आरोपित जमादार के आवास की भी तलाशी ली है।
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के महानिदेशक डॉ. रविप्रकाश मेहरड़ा ने बताया कि एसीबी की चित्तौड़गढ़ इकाई को परिवादी ने शिकायत दी थी कि उसकी हाजिरी भरने, नोटिस फाइल करवाने एवं बकाया वेतन दिलाने की ऐवज में आरोपित नगर परिषद का जमादार जयराज कण्डारा परिवादी से रिश्वत की मांग कर रहा था। साथ ही उसने कहा कि प्रतिमाह 8 हजार रुपये के हिसाब से पिछले 4-5 माह की मंथली के रूप में 40 हजार रुपये रिश्वत की मांग कर उसे परेशान किया जा रहा है। इस पर एसीबी उदयपुर के उपमहानिरीक्षक पुलिस राजेन्द्र प्रसाद गोयल के सुपरविजन और एसीबी की चित्तौड़गढ़ इकाई के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विक्रमसिंह के नेतृत्व में शिकायत का सत्यापन किया गया। इसमें रिश्वत की मांग करना पुख्ता पाया। इसके बाद एसीबी की टीम ने शनिवार रात को मय टीम के ट्रेप कार्रवाई की।
योजना के अनुसार चंदेरिया क्षेत्र में ही आरोपित जयराज कण्डारा को परिवादी ने 10 हजार रुपये की रिश्वत दी। इसी दौरान इशारा पाकर एसीबी की टीम ने आरोपित जमादार को रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। एसीबी की अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस स्मिता श्रीवास्तव के निर्देशन में आरोपी से पूछताछ तथा कार्रवाई जारी है। एसीबी की ओर से मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के अंतर्गत प्रकरण दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।