आरसीसी छत डालने के दौरान अचानक लकड़ी का सपोर्ट खिसकने से पूरी छत गिर गई। हादसे में देखते ही देखते पांच मजदूर मलबे में दब गए। मौके पर पहुंचे ग्रामीणों और प्रशासन ने सभी को बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया, हालांकि तीन मजदूर गंभीर रूप से घायल हैं।
जिले के कापरेन थाना क्षेत्र के हीरापुर गांव में सोमवार को एक निर्माणाधीन मकान की आरसीसी छत गिरने से बड़ा हादसा हो गया। हादसे के दौरान छत पर काम कर रहे पांच मजदूर मलबे में दब गए। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन मौके पर पहुंचे तथा ग्रामीणों की मदद से सभी मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया। इनमें तीन मजदूरों की हालत गंभीर बताई जा रही है।
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जानकारी के अनुसार हीरापुर गांव में एक मकान की आरसीसी छत डाली जा रही थी। निर्माण कार्य अंतिम चरण में था और मजदूर छत पर काम कर रहे थे। इसी दौरान छत को सहारा देने वाली लकड़ी की एक बल्ली अचानक खिसक गई, जिससे पूरा ढांचा असंतुलित हो गया और ताजा डाली गई आरसीसी छत भरभराकर नीचे गिर गई। देखते ही देखते सभी मजदूर मलबे में दब गए।
हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय ग्रामीणों ने तत्काल राहत कार्य शुरू किया और पुलिस व प्रशासन को सूचना दी। सूचना पर कापरेन थाना पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों के सहयोग से रेस्क्यू अभियान चलाकर सभी मजदूरों को मलबे से बाहर निकाला गया और एंबुलेंस की सहायता से कापरेन अस्पताल पहुंचाया गया।
चिकित्सकों ने सभी घायलों का प्राथमिक उपचार शुरू किया। हादसे में घायल पांच मजदूरों में से तीन की हालत गंभीर बनी हुई है। जरूरत पड़ने पर उन्हें बेहतर उपचार के लिए उच्च चिकित्सा केंद्र रैफर किया जा सकता है। घायलों की पहचान लेखराज (35), धर्मेश (35), पवन (36), विकास मीणा (36) और रामलाल के रूप में हुई है। अधिकांश मजदूर कापरेन क्षेत्र के निवासी बताए गए हैं।
घटना की सूचना मिलते ही प्रशासनिक अधिकारी अस्पताल और घटनास्थल पर पहुंचे तथा स्थिति का जायजा लिया। पुलिस ने घटनास्थल को सुरक्षित कर मामले की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में हादसे का कारण छत को सहारा देने वाले लकड़ी के सपोर्ट (बल्ली) का अचानक खिसकना माना जा रहा है। हालांकि पुलिस और प्रशासन पूरे मामले की विस्तृत जांच कर रहे हैं।
इस हादसे के बाद निर्माण कार्यों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी का मुद्दा भी सामने आया है। स्थानीय लोगों ने निर्माण स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।