बूंदी महोत्सव के दूसरे दिन भी विविध मनोहारी कार्यक्रमों का दौर जारी रहा। सुख महल में सुरम्य प्राकृतिक छटा के बीच देशी-विदेशी पावणों की देशी व्यंजनों से मनुहार की गई। अतिरिक्त जिला कलेक्टर सुदर्शन सिंह तोमर, मुख्य कार्यकारी अधिकारी रवि वर्मा, नगर परिषद सभापति सरोज अग्रवाल, मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी महावीर कुमार शर्मा, प्रवर्तन अधिकारी शिवजीराज जाट, सहायक पर्यटन अधिकारी प्रेम शंकर, नूपुर मालव निर्मल मालव, गाइड अश्विनी कुक्की पेनसु सिंह सहित जिला प्रशासन के अन्य अधिकारियों एवं गणमान्य नागरिकों ने मेहमानों की खातिरदारी करते हुए हाड़ौती के पसंदीदा व्यंजन कत्त बाफले से उनका सत्कार किया।
कार्यक्रम के दौरान पावणों को साफे और रक्षा सूत्र बांधे गए और रोली और अक्षत से उनका तिलक किया गया। संस्कृति संस्था की ओर से शालिनी विजय एवं सहयोगी सदस्यों ने विदेशी सैलानियों का स्वागत किया। कार्यक्रम के दौरान विदेशी महिलाओं को रंग-बिरंगी चूड़ियां पहनाई गईं और मेंहदी से हाथ सजाए गए। विदेशी मेहमान इस मान-मनुहार से बहुत अभिभूत नजर आए और इस आयोजन को सराहते रहे।
कार्यक्रम में लोक कलाकारों ने कच्छी घोड़ी नृत्य और अन्य नृत्य गीतों से समा बांधा। विदेशी सैलानी लोक कलाकारों के साथ थिरकते दिखे। इस दौरान कैनवास पेंटिंग वर्कशॉप का आयोजन किया गया, जिसमें बूंदी जिले की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक धरोहर की छवि को दर्शाया गया। इस अवसर पर इंटेक संस्थान संयोजक राजकुमार दाधीच, संस्कृति संस्था अध्यक्ष शालिनी विजय , मिथिलेश दाधीच, पुरुषोत्तम पारीक, के.सी. वर्मा, शालिनी विजय, अशोक शर्मा तलवास, दिनेश विजयवर्गीय आदि मौजूद रहे।