पंचकर्म विशिष्टता केंद्र बूंदी में जटिल, जीर्ण और कष्टसाध्य रोगियों को त्वरित व प्रभावी राहत मिल रही है। इसी के चलते स्थानीय रोगियों के साथ-साथ बड़ी संख्या में दूसरे राज्यों और जिलों के रोगी भी यहां उपचार करवाने पहुंच रहे हैं। इसके साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आयुष मेडिकोट्यूरिज्म, हील इन इंडिया विजन के तहत पिछले चार वर्षों में 26 देशों के 321 विदेशी रोगी अपना उपचार करवा चुके हैं।
चिकित्सालय के पीएमओ पंचकर्म विशेषज्ञ डॉ. सुनील कुशवाह ने बताया कि फरवरी महीने में ही देश के चार राज्यों के 11 जिलों के 1800 से अधिक रोगी अपना उपचार करवा चुके हैं। यहां पंचकर्म चिकित्सा की प्रभाविता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि इस फरवरी महीने में ही इस्त्राइल, फ्रांस, ऑस्ट्रेलिया, इटली, यूएसए, यूके और कनाडा के 50 से अधिक विदेशी रोगी यहां आकर अपना उपचार करवा चुके हैं। कष्टसाध्य क्रोनिक राइनाइटिस इस्त्राइल से आई शिक्षिका मैरियाना, अनिद्रा से पीड़ित न्यूयॉर्क के व्यवसाई हैरिस तथा सिएटिका व न्यूरेल्जिया से पीड़ित इटली निवासी मार्कोस यहां पांच दिनों के पंचकर्म उपचार के बाद अपने आपको पूरी तरह से स्वस्थ महसूस कर रहे हैं।
चिकित्सालय के विजिटर्स फीडबैक रजिस्टर में दिए गए फीडबैक में इन्होंने बूंदी के पंचकर्म विशिष्टता केंद्र की व्यवस्थाओं को उत्कृष्ट बताते हुए काफी सराहा है। पंचकर्म विशिष्टता केंद्र बूंदी में ओस्टियो आर्थराइटिस, सिएटिका, स्पोंडाइलोसिस, न्यूरेल्जिया, न्यूरोमस्कुलर डिजिज, वेरिकोज वैन, माइग्रेन, तनाव और अनिद्रा आदि रोगों से पीड़ित रोगियों का सर्वांग अभ्यंग स्वेदन, पीपीएस, बस्तिकर्म, नस्यकर्म, विरेचन, रक्तमोक्षण, सिरावेध, शिरोधारा, माइंडमसाज, कटिजानूग्रीवा बस्ती और लेप आदि शास्त्रीय उपक्रमों के साथ-साथ अत्याधुनिक चिकित्सा उपकरणों से भी उपचार किया जा रहा है।