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अस्पताल की बदहाल व्यवस्था पर बूंदी बंद: बाजारों में सन्नाटा, हाथ जोड़कर दुकानें बंद कराने निकले व्यापारी

Tue, 06 Oct 2026 01:42 PM IST
बूँदी ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बूंदी

सार

बूंदी में जिला अस्पताल की चिकित्सा व्यवस्थाओं में सुधार, कार्डियोलॉजिस्ट की नियुक्ति, 24 घंटे इमरजेंसी सेवाएं सुचारू करने और व्यापारी की मौत के मामले में निष्पक्ष जांच व कार्रवाई की मांग को लेकर मंगलवार को बंद का आह्वान किया गया।
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बूंदी अस्पताल की व्यवस्थाओं के विरोध में बूंदी बंद - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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जिला अस्पताल की चिकित्सा व्यवस्थाओं में सुधार, कार्डियोलॉजिस्ट की नियुक्ति, 24 घंटे इमरजेंसी सेवाएं सुचारू करने और व्यापारी की मौत के मामले में निष्पक्ष जांच व कार्रवाई की मांग को लेकर मंगलवार को बूंदी बंद का आह्वान किया गया। बंद का असर शहर के प्रमुख बाजारों में दिखाई दिया। कोटा रोड, इंदिरा मार्केट समेत कई इलाकों में व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद रहे। बंद के समर्थन में व्यापारिक संगठनों से जुड़े पदाधिकारी और व्यापारी सुबह से ही बाजारों में पैदल घूमते नजर आए और दुकानदारों से प्रतिष्ठान बंद रखने की अपील की।

इस दौरान अलग-अलग स्थानों पर व्यापारियों ने धरना दिया और हनुमान चालीसा का पाठ किया। संयुक्त व्यापार महासंघ के धरने में भाजपा के पूर्व विधायक अशोक डोगरा भी शामिल हुए। इसके बाद उन्होंने व्यापारियों के साथ बाजार में पैदल घूमकर बंद को समर्थन दिया। वहीं, बंद को लेकर व्यापारिक संगठनों के बीच मतभेद भी सामने आए। एक संगठन के पदाधिकारी जहां दुकानदारों से प्रतिष्ठान बंद रखने की अपील करते दिखे, वहीं दूसरे व्यापार संघ से जुड़े एक समूह ने कुछ दुकानों को खुलवाने का प्रयास किया।

चौगान गेट पर धरना, हनुमान चालीसा का पाठ

चौगान गेट के बाहर विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों ने धरना दिया। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने हनुमान चालीसा का पाठ किया और बाजार बंद कराने के लिए जुलूस के रूप में कोटा रोड की ओर रवाना हुए। प्रदर्शनकारी कोटा रोड, नैनवां रोड, लंका गेट, गायत्री नगर और खोजा गेट समेत शहर के विभिन्न बाजारों में पहुंचे। जहां भी दुकानें खुली मिलीं, वहां प्रदर्शनकारियों ने दुकानदारों से हाथ जोड़कर प्रतिष्ठान बंद रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि बूंदी की चिकित्सा व्यवस्था को लेकर लंबे समय से समस्याएं सामने आ रही हैं। बंद के जरिए सरकार और प्रशासन तक जनता की मांग पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। प्रदर्शनकारियों ने दुकानदारों से कहा कि यदि बाजार पूरी तरह बंद रहता है तो सरकार तक जनता और व्यापारियों की मांग मजबूती से पहुंचेगी और जिला अस्पताल की व्यवस्थाओं में सुधार की उम्मीद बढ़ेगी। उन्होंने इसे बूंदी की चिकित्सा व्यवस्था बेहतर करने की मांग से जोड़ते हुए व्यापारियों से सहयोग की अपील की।

अशोक डोगरा बोले- जनभावना से जुड़ा मुद्दा

पूर्व विधायक अशोक डोगरा ने कहा कि व्यापार मंडल की ओर से जनभावना के अनुरूप बूंदी बंद का आह्वान किया गया है और व्यापारियों का समर्थन मिल रहा है। उन्होंने जिला अस्पताल में कार्डियोलॉजिस्ट की कमी दूर करने और 24 घंटे इमरजेंसी सेवाएं सुचारू करने की मांग की। डोगरा ने पूर्व में हुई मरीज और व्यापारी की मौत के मामलों में निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी उठाई। उन्होंने कहा कि जनता की समस्याओं को लेकर सरकार का ध्यान आकर्षित करने के लिए पहले भी बंद और प्रदर्शन होते रहे हैं। जरूरत पड़ने पर आगे भी आंदोलन किया जाएगा और जनता की मांगें सरकार के सामने मजबूती से रखी जाएंगी।

विधायक हरिमोहन शर्मा ने भी चिकित्सा व्यवस्था पर उठाए सवाल

बूंदी विधायक हरिमोहन शर्मा ने भी जिला अस्पताल और प्रदेश की चिकित्सा व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि लंबे समय से अस्पतालों में व्यवस्थाएं प्रभावित हैं। दवाइयों की उपलब्धता, चिकित्सकों की कमी और अन्य सुविधाओं को लेकर मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि पिछले दिनों हुई मरीज की मौत के मामले में अभी तक प्रशासन की ओर से स्थिति स्पष्ट नहीं की गई है। अस्पताल के ऑपरेशन थिएटर से जुड़े विवाद के कारण मरीजों को परेशानी होने और सिजेरियन डिलीवरी जैसी सेवाएं प्रभावित होने की बात सामने आ रही है। विधायक ने सरकार से अस्पताल में आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की।

बंद के समर्थन और विरोध में आमने-सामने दिखे व्यापारी संगठन

बंद को कांग्रेस जिलाध्यक्ष महावीर मीणा, प्रहलाद गुंजल समेत विभिन्न नेताओं का समर्थन मिला। दूसरी ओर, व्यापार महासंघ के दूसरे धड़े ने बंद का विरोध करते हुए बाजार खुले रखने की अपील की। भाजपा नेताओं और कुछ व्यापारिक प्रतिनिधियों ने भी बंद के विरोध में बाजार में दुकानदारों से संवाद किया।

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इस वजह से बूंदी के कई बाजारों में अलग-अलग स्थिति देखने को मिली। कुछ इलाकों में दुकानें बंद रहीं तो कुछ स्थानों पर दुकानें खुली नजर आईं। व्यापारिक संगठनों के बीच मतभेद के कारण बंद का स्वरूप भी अलग-अलग दिखाई दिया।

पुलिस बनी रही पहरेदार, जबरन दुकान बंद कराने पर कार्रवाई की चेतावनी

बंद को देखते हुए पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट रहा। एसपी अवनीश कुमार शर्मा के निर्देशन में शहर के प्रमुख बाजारों और संवेदनशील स्थानों पर पुलिस जाप्ता तैनात किया गया। पुलिसकर्मी लगातार बाजार की स्थिति पर नजर रखते रहे। जब व्यापारिक और सामाजिक संगठनों के लोग दुकानदारों के बीच पहुंचकर प्रतिष्ठान बंद रखने की अपील कर रहे थे, तब पुलिसकर्मी उनके और दुकानदारों के बीच मौजूद रहे। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को स्पष्ट किया कि वे शांतिपूर्ण तरीके से बाहर से बंद की अपील कर सकते हैं, लेकिन किसी दुकानदार से जबरन दुकान बंद नहीं करवा सकते।

पुलिस ने जबरदस्ती या विवाद की स्थिति में कार्रवाई की चेतावनी भी दी। इस दौरान कुछ जगह प्रदर्शनकारियों और दुकानदारों के बीच तकरार की स्थिति बनी, लेकिन पुलिस ने बीच-बचाव कर स्थिति को संभाल लिया। व्यापारिक संगठनों, सामाजिक संगठनों और राजनीतिक प्रतिनिधियों की सक्रियता के चलते शहर के अलग-अलग बाजारों में बंद का असर दिखाई दिया।

 

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