नगर निकाय चुनाव 2026 को लेकर नामांकन के अंतिम दिन बूंदी जिले में राजनीतिक सरगर्मी चरम पर रही। बूंदी जिला कलेक्ट्रेट परिसर में सुबह 10 बजे से दोपहर 3 बजे तक दावेदारों और उनके समर्थकों की भारी भीड़ जुटी रही। बड़ी संख्या में प्रत्याशी समर्थकों के साथ नामांकन दाखिल करने पहुंचे। पूरे दिन कलेक्ट्रेट परिसर चुनावी नारों और राजनीतिक गतिविधियों से गूंजता रहा। भाजपा और कांग्रेस दोनों प्रमुख दलों ने अपने अधिकृत प्रत्याशियों को नामांकन दाखिल करने के निर्देश पहले ही दे दिए थे। इसके बाद अंतिम घंटे में दोनों दलों के प्रतिनिधि अपने-अपने प्रत्याशियों की सिंबल सूची लेकर रिटर्निंग अधिकारी कार्यालय पहुंचे और सिंबल जमा करवाए।
भाजपा-कांग्रेस ने 60-60 वार्डों के सिंबल जमा कराए
बूंदी नगर परिषद के सभी 60 वार्डों में भाजपा और कांग्रेस ने अपने अधिकृत प्रत्याशियों के सिंबल जमा करवाए। कांग्रेस की ओर से विधायक प्रतिनिधि मनीष शर्मा सिंबल की सूची लेकर रिटर्निंग अधिकारी कार्यालय पहुंचे। वहीं भाजपा की ओर से नगर परिषद चुनाव प्रभारी महेश विजय सहित पार्टी पदाधिकारी मौजूद रहे और 60 वार्डों के प्रत्याशियों की सिंबल सूची जमा करवाई।
रिटर्निंग अधिकारी लक्ष्मी नारायण मीणा ने बताया कि बूंदी नगर परिषद में तीन दिनों के नामांकन के दौरान कुल 385 नामांकन दाखिल हुए हैं। अंतिम दिन दाखिल किए गए नामांकन पत्रों की जांच की जाएगी। जांच और स्क्रूटिनी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद यह स्पष्ट होगा कि कितने नामांकन वैध पाए गए और कितने निरस्त हुए।
लाखेरी में कांग्रेस को झटका, चौथमल पंचोली भाजपा में शामिल
नामांकन के अंतिम दिन लाखेरी में कांग्रेस को बड़ा राजनीतिक झटका लगा। हाल ही में कांग्रेस बोर्ड में चेयरमैन रहीं आशा शर्मा के पति और पूर्व नगर कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष चौथमल पंचोली ने कांग्रेस छोड़कर भाजपा का दामन थाम लिया। बताया जा रहा है कि चौथमल पंचोली कांग्रेस से वार्ड 35 से टिकट की मांग कर रहे थे, लेकिन टिकट नहीं मिलने के बाद उन्होंने पार्टी छोड़ने का फैसला किया।
भाजपा में शामिल होने के बाद अब चौथमल पंचोली वार्ड 12 से चुनाव मैदान में उतरेंगे। भाजपा नेता रामबाबू शर्मा ने कहा कि कांग्रेस की नीतियों से परेशान होकर चौथमल पंचोली ने भाजपा की सदस्यता ग्रहण की है। उन्होंने दावा किया कि नगर निकाय चुनाव में भाजपा सभी वार्डों में मजबूती से चुनाव लड़ेगी और बड़ी संख्या में भाजपा प्रत्याशी जीतकर आएंगे।
केशवरायपाटन में भी कांग्रेस को झटका
केशवरायपाटन नगर पालिका में भी टिकट वितरण को लेकर कांग्रेस के भीतर नाराजगी सामने आई। अल्पसंख्यक कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष इरफान अली ने अपने सभी पदों के साथ कांग्रेस पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। इरफान अली ने अपने इस्तीफे में कहा कि उनके परिवार का पिछले 70 वर्षों से कांग्रेस से जुड़ाव रहा है और उन्होंने पिछले 10 वर्षों में पार्टी के लिए निष्ठा और संघर्ष के साथ काम किया। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी में युवाओं की अनदेखी की जा रही है और उनके सम्मान को नजरअंदाज किया जा रहा है।
उन्होंने केशवरायपाटन नगर पालिका में टिकट वितरण पर भी सवाल उठाए। उनका कहना है कि युवाओं को पीछे छोड़कर लिए जा रहे फैसलों के विरोध में उन्होंने यह कदम उठाया है। उनके इस्तीफे के बाद केशवरायपाटन में कांग्रेस की अंदरूनी राजनीति को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
नैनवा में भाजपा के बाहरी प्रत्याशी का विरोध
उधर, नैनवा नगरपालिका के वार्ड 4 में भाजपा की ओर से घोषित बाहरी प्रत्याशी को लेकर पार्टी कार्यकर्ताओं और वार्डवासियों में नाराजगी देखने को मिली। प्रत्याशी के विरोध में भाजपा कार्यकर्ता शहर भाजपा अध्यक्ष के आवास पर पहुंचे और हंगामा किया।
कार्यकर्ताओं ने शहर अध्यक्ष के सामने अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए प्रत्याशी चयन पर सवाल उठाए। इस दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं ने पार्टी के खिलाफ नारेबाजी भी की। वार्डवासियों की मांग है कि वार्ड से स्थानीय व्यक्ति को ही प्रत्याशी बनाया जाए। नैनवा में सामने आए इस विरोध ने भाजपा के सामने टिकट वितरण को लेकर नई चुनौती खड़ी कर दी है। नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब दोनों प्रमुख दलों के सामने नाराज कार्यकर्ताओं और बागी दावेदारों को मनाने की चुनौती रहेगी।
भाजपा बोली- बूंदी में खिलेगा कमल
बूंदी नगर परिषद चुनाव प्रभारी महेश विजय ने कहा कि बूंदी ऐतिहासिक नगरी है और यहां विकास की अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र और राजस्थान में भाजपा की सरकार है और अब बूंदी नगर निकाय में भी भाजपा का कमल खिलेगा।
महेश विजय ने कहा कि भाजपा के नगर परिषद में सत्ता में आने के बाद शहर के विकास कार्यों को नई गति दी जाएगी। उन्होंने कार्यकर्ताओं से पूरी ताकत के साथ चुनावी मैदान में उतरने का आह्वान किया। उन्होंने दावा किया कि पार्टी ने सभी वर्गों का ध्यान रखते हुए प्रत्याशियों का चयन किया है और विचार-विमर्श के बाद सूची तैयार की गई है।
कांग्रेस बोली- जनता भाजपा को देगी जवाब
बूंदी से कांग्रेस विधायक हरिमोहन शर्मा ने कहा कि जब वह पूर्व में विधायक का चुनाव हार गए थे, तब भी उन्होंने बूंदी नगर परिषद में कांग्रेस का बोर्ड बनवाया था। अब वर्तमान में वह विधायक हैं और उनकी पूरी कोशिश है कि एक बार फिर बूंदी नगर परिषद में कांग्रेस का बोर्ड बने।
हरिमोहन शर्मा ने राज्य की भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि प्रदेश में जनहित के विकास कार्य ठप पड़े हैं और जनता परेशान है। उन्होंने कहा कि आने वाले नगर निकाय चुनाव में जनता भाजपा सरकार को जवाब देगी और बूंदी नगर परिषद में कांग्रेस का बोर्ड बनेगा।
अब बागियों को साधने की चुनौती
नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के साथ ही बूंदी जिले की आठ प्रमुख नगर निकायों में चुनावी तस्वीर धीरे-धीरे साफ होने लगी है। हालांकि टिकट वितरण के बाद दोनों दलों में कहीं नाराजगी तो कहीं बगावत के सुर दिखाई दे रहे हैं। लाखेरी में कांग्रेस के पूर्व नगर अध्यक्ष का भाजपा में जाना, केशवरायपाटन में कांग्रेस पदाधिकारी का इस्तीफा और नैनवा में भाजपा प्रत्याशी के विरोध ने दोनों दलों के सामने चुनौती बढ़ा दी है।
अब राजनीतिक दलों की अगली रणनीति नाराज कार्यकर्ताओं और बागी दावेदारों को साधने पर रहेगी। नामांकन पत्रों की जांच और नाम वापसी की प्रक्रिया के बाद चुनावी मैदान में वास्तविक मुकाबले की तस्वीर स्पष्ट होगी। इसके साथ ही बूंदी जिले की नगर निकाय राजनीति में प्रचार अभियान और शक्ति प्रदर्शन का दौर भी तेज होने की उम्मीद है।