भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर बूंदी जिले में चलाए गए विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के बाद जिले की तीनों विधानसभा क्षेत्रों की मतदाता सूची का प्रारूप प्रकाशन कर दिया गया है। पुनरीक्षण से पहले जिले में कुल 8 लाख 97 हजार 906 मतदाता दर्ज थे।
बीएलओ द्वारा घर-घर जाकर गणना प्रपत्र (फॉर्म) बांटे गए, जिनमें से 8 लाख 32 हजार 203 फॉर्म भरे हुए वापस मिले। हालांकि 65 हजार 703 फॉर्म प्राप्त नहीं हो सके। इनमें से 39 हजार 752 मतदाता स्थायी रूप से दूसरे स्थान पर शिफ्ट हो चुके हैं। वहीं 14 हजार 151 मतदाताओं की मृत्यु हो चुकी है, 8 हजार 241 लोग घर पर अनुपस्थित पाए गए, 3 हजार 311 नाम एक से अधिक जगह दर्ज मिले और 248 अन्य कारणों से शामिल नहीं हो पाए।
प्रशासन ने पारदर्शिता बनाए रखते हुए इन सभी अप्राप्त फॉर्मों की सूची मुख्य निर्वाचन अधिकारी की वेबसाइट और जिला वेबसाइट के साथ-साथ मतदान केंद्रों, ग्राम पंचायत मुख्यालयों और नगर निकाय कार्यालयों पर चस्पा कर दी है, ताकि आम लोग जानकारी देख सकें।
मतदाताओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए 1200 से अधिक मतदाताओं वाले मतदान केंद्रों का पुनर्गठन किया गया है। पहले जिले में 895 मतदान केंद्र थे। अब 143 नए मतदान केंद्र बनाए गए हैं, जिससे कुल संख्या बढ़कर 1038 हो गई है। अब जिले में ऐसा कोई भी मतदान केंद्र नहीं है जहां 1200 से ज्यादा मतदाता हों।
राजनीतिक दलों के साथ बैठक
निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार जिला निर्वाचन अधिकारी अक्षय गोदारा की अध्यक्षता में मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक आयोजित की गई। बैठक में भाजपा, कांग्रेस, आम आदमी पार्टी और सीपीआई (एम) के जिला स्तर के पदाधिकारी मौजूद रहे। प्रशासन की ओर से सभी दलों को मतदाता सूची की हार्ड और सॉफ्ट कॉपी दी गई, साथ ही अप्राप्त फॉर्मों की सूची भी सौंपी गई।
दावा-आपत्ति का मौका
जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि 16 दिसंबर 2025 से 15 जनवरी 2026 तक मतदाता सूची में नाम जोड़ने, हटाने या संशोधन के लिए दावा-आपत्ति की जा सकेगी। जो युवा 1 अप्रैल, 1 जुलाई या 1 अक्टूबर 2026 को 18 वर्ष के हो जाएंगे, वे अभी से फॉर्म-6 भरकर अग्रिम आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए वोटर हेल्पलाइन ऐप, वोटर सर्विस पोर्टल या बीएलओ की मदद ली जा सकती है।
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यदि कोई व्यक्ति ईआरओ के फैसले से संतुष्ट नहीं होता है, तो वह 15 दिनों के भीतर जिला मजिस्ट्रेट के पास पहली अपील कर सकता है। इसके बाद भी असंतोष होने पर 30 दिनों के भीतर मुख्य निर्वाचन अधिकारी के पास दूसरी अपील की जा सकेगी। मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन 14 फरवरी 2026 को किया जाएगा।