पुलिस ने 15 लाख रुपये की साइबर ठगी के मामले में आठ महीने से फरार चल रही महिला आरोपी को हैदराबाद से गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी महिला की पहचान कोडीपल्ली ज्योति के रूप में की है। पुलिस अधीक्षक अवनीश कुमार शर्मा ने बताया कि तकनीकी निगरानी की मदद से आरोपी की लोकेशन ट्रेस की गई। इसके बाद पुलिस टीम ने हैदराबाद में दबिश देकर उसे गिरफ्तार कर लिया।
शिक्षक से हुई थी 15 लाख की साइबर ठगी
साइबर थानाधिकारी किरदार अहमद ने बताया कि कुछ माह पूर्व तलवास क्षेत्र के एक अध्यापक के साथ 15 लाख रुपये की साइबर ठगी हुई थी। मामले की जांच में सामने आया कि ठगी की राशि में से करीब साढ़े चार लाख रुपये का लेनदेन म्यूल खाताधारक महिला के बैंक खाते में हुआ था। साइबर अपराधियों की धरपकड़ के लिए चलाए जा रहे साइबर शील्ड अभियान के तहत विशेष पुलिस टीम का गठन किया गया था।
नोटिस के बावजूद पूछताछ से बचती रही
वारदात के बाद पुलिस ने म्यूल खाताधारक महिला को पूछताछ के लिए कई बार नोटिस जारी किए, लेकिन उसने जवाब नहीं दिया। महिला लगातार पुलिस की पकड़ से दूर बनी रही। इसके बाद विशेष टीम को तेलंगाना भेजा गया। टीम ने तकनीकी सूचनाओं के आधार पर हैदराबाद में उसकी लोकेशन ट्रेस की और आरोपी महिला को गिरफ्तार कर बूंदी लेकर आई। पुलिस ने आरोपी महिला को अदालत में पेश किया है।
साइबर ठगी से जुड़े नेटवर्क की भी जांच
पुलिस अब आरोपी महिला से साइबर ठगी की रकम के लेनदेन और उससे जुड़े अन्य लोगों के संबंध में पूछताछ कर रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वांछित अपराधियों के खिलाफ चलाया जा रहा अभियान आगे भी जारी रहेगा।
आधार-पैन जैसे दस्तावेज किसी को न दें
साइबर ठगी की बढ़ती वारदातों को देखते हुए पुलिस अधीक्षक अवनीश कुमार शर्मा ने आमजन से सतर्क रहने की अपील की है। उन्होंने कहा कि कोई भी व्यक्ति अपने पैन कार्ड, आधार कार्ड, बैंक पासबुक, एटीएम कार्ड और सिम कार्ड जैसे निजी एवं संवेदनशील दस्तावेज किसी अनजान व्यक्ति को न सौंपे। साइबर अपराधी इन दस्तावेजों का दुरुपयोग कर म्यूल खाते खोलते हैं। अपने दस्तावेज का दुरुपयोग होने पर संबंधित व्यक्ति भी कानूनी कार्रवाई के दायरे में आ सकता है।