इस लोकसभा क्षेत्र में स्थानीय मुद्दे प्रचार से गायब हैं। भाजपा राष्ट्रीय सुरक्षा, मोदी शासन के काम, गो-तस्करी व गो-हत्या को पूरी तरह रोकने तथा हिंदुत्व जैसे मुद्दों पर वोट की अपील कर रही है, तो कांग्रेस हरियाणा के रोहतक से ताल्लुक रखने के कारण बालकनाथ पर बाहरी होने के आरोप लगा रही है। साथ ही, नोटबंदी-जीएसटी से बढ़ी बेरोजगारी के आरोप लगाकर 'न्याय' के प्रचार में जुटी है। वहीं, बालकनाथ का कहना है कि उनका जन्म अलवर के बहरोड़ तहसील के कोहराना गांव में हुआ है। वर्तमान में महंत बालकनाथ योगी 8वीं शताब्दी में रोहतक में स्थापित 150 एकड़ भूमि में फैले बाबा मस्तनाथ मठ के महंत और बाबा मस्तनाथ विवि के कुलाधिपति भी है।
बसपा को इसलिए है उम्मीद
अलवर संसदीय सीट के अंतर्गत आने वाली आठ विधानसभा सीटों में से तिजारा और किसनगढ़बास विधानसभा सीटें बसपा ने जीतीं। पार्टी के दो विधायक होने के कारण बसपा सुप्रीमो मायावती को अलवर से काफी उम्मीदें हैं। साथ ही यहां सबसे ज्यादा 17 प्रतिशत यादव वोट बैंक हैं। सपा से गठबंधन के कारण यादव वोट बसपा को मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। इसके अलावा 18 प्रतिशत दलित और 12 फीसदी मेव (मुस्लिम) वोटों की तरफ भी बसपा की नजरें हैं। इस क्षेत्र में अलवर ग्रामीण, रामगढ़ और राजगढ़-लक्ष्मणगढ़ विधानसभा सीट पर कांग्रेस विधायक हैं। वहीं, विधानसभा चुनाव के दौरान सत्ता विरोधी लहर की मार झेल रही भाजपा के खाते में मात्र अलवर शहर और मुण्डावर सीटें आईं। बहरोड़ सीट निर्दलीय ने जीती, जिसने कांग्रेस को समर्थन दिया हुआ है।
बालकनाथ की पहली परीक्षा, तो जितेंद्र सिंह ले चुके हैं हार-जीत का स्वाद
बालकनाथ पहली बार लोकसभा चुनाव लड़ रहे हैं, लेकिन जितेंद्र सिंह इस सीट से जीत और हार दोनों का स्वाद चख चुके हैं। वर्ष 2014 में महंत चांदनाथ ने जितेंद्र सिंह को पौने तीन लाख वोट के बड़े अंतर से हराया था। इससे पूर्व वर्ष 2009 के लोकसभा जीत कर यूपीए के दूसरे कार्यकाल में वे मंत्री बने थे। इस बार कांग्रेस ने वर्तमान सांसद करण सिंह यादव का टिकट काटकर जितेंद्र सिंह पर भरोसा जताया।
प्रमुख स्थानीय मुद्दे
धार्मिक आधार पर हिंदू व मेव (मुस्लिम) समाज के बीच तनाव। गो-तस्करी और मॉब लिंचिंग की लगातार घटनाएं। शराब माफिया के कारण अवैध शराब का बढ़ता करोबार। अलवर के पुराने शहर में पेयजल संकट। मंदी से त्रस्त होकर कई उद्यौगिक इकाइयां बंद होने से बेरोजगारी। अरावली पर्वतमाला क्षेत्र में अवैध खनन जोरों पर। पुलिस खनन माफिया के बीच मुठभेड़ की बढ़ती घटनाएं।
बस इतनी सी इल्तिज़ा है मोदी जी, आपके राम की संकल्पना क्या है? हमारे बापू की ‘हे राम’ वाली या नाथू ‘राम’ गोडसे वाले राम की? -मनोज कुमार झा, राजद नेता
फेनी तूफान को ध्यान में रखते हुए कुछ इलाकों में राहत कार्यों के लिए चुनाव आयोग ने ओडिशा सरकार को छूट दी है, मुख्यमंत्री नवीन पटनायक उस छूट का ग़लत इस्तेमाल कर रहे हैं। - धर्मेंद्र प्रधान, केंद्रीय मंत्री
नेशनल कॉन्फ्रेंस जब सत्ता से बाहर होती है, उसके लिए कश्मीर असामान्य हो जाता है, सत्ता में होती है तो उसके लिए सामान्य राज्य रहता है। -जीतेंद्र सिंह, केंद्रीय मंत्री