अंतरराष्ट्रीय होली महोत्सव में सोमवार को ब्रज की लट्ठमार और फूलों की होली साकार हुई। राजस्थान पर्यटन विकास निगम के अध्यक्ष धर्मेन्द्र राठौड़ ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय होली महोत्सव को विश्व प्रसिद्ध बनाने और इसमें चार चांद लगाने में जिला प्रशासन, गणमान्य नागरिकों, जनप्रतिनिधियों एवं प्रसिद्ध कलाकारों ने अपना अमूल्य योगदान दिया।
उन्होंने कहा कि होलिका दहन पर आज हमने सारे पापों की होली पुष्कर में जला दी है। झूठ, कपट, द्वेष, क्रोध, धोखाधड़ी जैसे पापों की होली जलाकर जिस तरह भक्तराज प्रहलाद की अच्छाई प्रकट हुई। आज हममें भी प्यार,अमन, चैन, सौहार्द की भावनाएं प्रकट हुई हैं। पुष्कर के स्थानीय विधायक सुरेश सिंह रावत ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय पुष्कर होली महोत्सव को विख्यात करने में विभिन्न लोगों ने अपना अमूल्य समय एवं योगदान दिया है। हमें राजनीति से ऊपर उठकर तीर्थराज पुष्कर के विकास के लिए हर संभव प्रयास करने चाहिए।
पद्मश्री हरिहरन ने भजनों के माध्यम से श्रोताओं को भावविभोर कर दिया। गणेश वंदना विघ्नेश्वराय के साथ उन्होंने अपना म्यूजिक कंसर्ट आरंभ किया। ओम नमः शिवाय, इस धरती, सुबह-सुबह ले शिव, राधे गोविंद गोपाला जैसे भजनों से समां बांध दिया। केसरिया बालम आवो नी पधारो म्हारे देश सुनाकर राजस्थानी परंपरा को जीवंत कर दिया। म्यूजिक कंसर्ट में दौड़ा दौड़ा, धीमे-धीमे, रोजा जानेमन, बाहों के दरमियां, चप्पा चप्पा तथा तू ही रे गीत गाए। इसमें चंद्रैया भट्टाचार्य, लावण्या पद्मनाभ और अक्षय ने साथ दिया।