अलवर जिले की भिवाड़ी-नीमराना थाना पुलिस सहित जिला स्पेशल टीम ने पूर्व सरपंच के ब्लाइंड मर्डर का 48 घंटों में खुलासा कर दिया। पुलिस ने हथियार उपलब्ध कराने वाले एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। सिलारपुर सरपंच के पति दिनेश कुमार यादव की हत्या की पुरानी रंजिश के चलते की गई थी।
अलवर पुलिस ने पूर्व सरंपच की हत्या की साजिश रचने वाले मुख्य सरगना सत्यप्रकाश उर्फ सत्या उर्फ चनिया को गिरफ्तार किया है। भिवाड़ी पुलिस अधीक्षक अनिल बेनीवाल ने बताया कि घटना को गंम्भीरता से लिया गया। जनप्रतिनिधि सरपंच के पति की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या के कारण ग्राम पंचायत सिलारपुर नीमराना और आस-पास के ग्रामवासियों में काफी रोष हो गया था।
मामले की गम्भीरता से लेते हुए 5 विशेष गठित टीमों ने अलग-अलग स्थानों पर कार्रवाई करते हुए संदिग्ध अपराधियों की धरपकड की। पुलिस ने हर एंगल से जांच की। टीमों ने हरियाणा के अटेली मण्डी नारनोल रेवाड़ी हरियाणा झज्जर समेत कई स्थानों पर लगातार छापेमारी की और साइबर क्राइम टीम की सहायता से संदिग्ध आरोपियों की पहचान करते हुए पूछताछ की। जिस पर टीमों ने आरोपी सत्यप्रकाश उर्फ सत्या उर्फ चनिया पुत्र हिम्मत यादव निवासी नघोड़ी थाना नीमराना जिला भिवाडी अलवर को दबोचा। जिससे सख्ती से पूछताछ की, तो उसने जुर्म कबूल किया।
सत्या ने शार्प शूटर यशपाल और सचिन से करवाया मर्डर
आरोपी ने बताया कि शराब ठेके पर किसी बात को लेकर आपस में गम्भीर मारपीट हुई थी। पूर्व में एक-दूसरे की शिकायत होने पर भी सरंपच दिनेश कुमार और उसके परिजनों ने मुल्जिम सत्यप्रकाश उर्फ सत्या उर्फ चनिया पुत्र हिम्मत सिंह के साथ बुरी तरह से मारपीट की थी। जिस पर रंजिश को लेकर मुल्जिम ने ठान रखी थी कि मौका मिलने पर सरपंच दिनेश यादव को निपटा दिया जाएगा। इस पर सरपंच पति दिनेश यादव की हत्या के मकसद से आरोपी ने करीब 1 साल पहले से ही यूपी से हथियार खरीदकर अपने पास रखे हुए थे।
आरोपी ने हत्या करने के मौके तलाश करने शुरू किए, लेकिन मुल्जिम अपने मंसूबों में कामयाब नहीं हुआ। अप्रैल 2023 में हनुमान मन्दिर मेला बावडी पर अन्य लड़कों से मारपीट में सरपंच दिनेश यादव की भूमिका पाई गई । जिस मारपीट और झगड़ा में शरीक यशपाल और सचिन से सम्पर्क किया। जिस पर मुख्य सरगना सत्यप्रकाश उर्फ सत्या ने दोनों से मिलकर करीब 10 दिन पहले योजना बनाई कि सरपंच दिनेश कुमार यादव की हत्या करनी है।
इसके बाद 30 मई 2023 को मुख्य सरगना सत्यप्रकाश उर्फ सत्या ने शार्प शूटर यशपाल और सचिन को हथियार और कारतूस उपलब्ध कराए। जिसके बाद मुख्य सरगना अपने अन्य दो दोस्तों के साथ हरिद्वार चला गया। जहां पर शूटर यशपाल और सचिन से सम्पर्क कर इस घटना को अंजाम दिलाया गया। पुलिस अधिक्षक ने बताया कि शेष आरोपियों की जांच की जा रही है।