राजस्थान में बिजली संकट के लिए भाजपा ने शुक्रवार को पूरे राजस्थान के डिस्कॉम दफ्तरों पर विरोध प्रदर्शन किया है। इस बीच बीकानेर में प्रदर्शनकारी पार्टी कार्यकर्ताओं ने डिस्कॉम के चीफ इंजीनियर के ऑफिस में घुस कर तोड़फोड़ की। भाजपा नेताओं ने करीब आधे घंटे तक मुख्य अभियंता को तपती घूप में बिठाए रखा।
बीकानेर के डिस्कॉम परिसर के खुले आसमान के नीचे जबरन बिठाकर भाजपा नेताओं ने मुख्य अभियंता को कहा कि इस भीषण गर्मी में आम जनता भी इस तरह से परेशान हो रही है। बिजली कटौती का मुद्दा लेकर प्रदर्शनकारियों ने पहले तो इनके दफ्तर में हंगामा मचाया और बाद में अभियंता को घकेलते हुए डिस्कॉम के खुले परिसर में ले आए। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि बिजली कटौती से आम जनता को तकलीफ हो रही है और बेफिक्र अधिकारी मजे से अपने एसी दफ्तरों में बैठे हैं।
बता दें कि बिजली ही नहीं पश्चिमी राजस्थान के कई जिलों के लोग इन दिनों पीने और सिंचाई के पानी की किल्लत भी झेल रहे हैं। सरकार के ऊर्जा मंत्री और बीकानेर के ही कोलायत विधानसभा क्षेत्र के विधायक भंवर सिंह भाटी ने हाल ही में साफ कर दिया था कि ऐसे हालात में बिजली कटौती के अलावा सरकार के पास कोई विकल्प नहीं है। इस एलान के दूसरे ही दिन बीजेपी आने वाले दिनों में बड़े आंदोलन की तैयारी कर सरकार को घेरने का मन बना चुकी है।
बिजली संकट के लिए कोयला मंत्रालय जिम्मेदार
जोधपुर में बिजली संकट को लेकर प्रदेश के तकनीकी शिक्षा मंत्री व जोधपुर के प्रभारी मंत्री डॉ. सुभाष गर्ग ने कहा है कि बिजली की खपत पिछले साल की अपेक्षा तीस फीसदी बढ़ गई है। ऐसा सभी प्रदेशों में हो रहा है। 15 रुपए प्रति यूनिट पर भी बिजली नहीं मिल रही है। गांवों में भी बिजली की आपूर्ति होती रहे, इसके लिए कटौती प्रारंभ की गई है। जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि के लिए भी बिजली दी जा सके।
उन्होंने माना कि बिजली संकट लेकिन हमारी सरकार, उर्जा मंत्री और मुख्यमंत्री स्वयं इस पर लगातार काम कर रहे हैं। कुछ दिनों में स्थितियां सामान्य होगी। वहीं डॉ. गर्ग ने कहा कि इसमें भारत सरकार के कोयला मंत्रालय की भी गलती है। उनको पता है कि इस समय खपत ज्यादा होती है तो उत्पादन ज्यादा और निर्बाध होना चाहिए ।