केंद्र द्वारा पारित कृषि कानूनों को लेकर किसानों का प्रदर्शन जारी है। इसी बीच भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री और राजस्थान के प्रभारी अरुण सिंह ने दावा किया है कि 99 फीसदी से अधिक किसान मोदी सरकार के साथ खड़े हैं। साथ ही दावा किया कि कांग्रेस और विपक्षी पार्टियां किसान आंदोलन को हवा दे रही हैं।
जयपुर में भाजपा प्रदेश मुख्यालय में सिंह ने कहा, देश का किसान सशक्त और खुशहाल हो, इसके लिए केंद्र सरकार प्रतिबद्ध है। किसानों की आमदनी दोगुनी हो, इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार प्रयास कर रहे हैं।
उन्होंने आरोप लगाया, यह चिंता की बात है कि विपक्षी पार्टियां मुख्य रूप से कांग्रेस, जिसने सदैव किसानों को ठगा है, उन्हें धोखा दिया है और उनके लिए कभी कुछ भला नहीं किया... वह किसान आंदोलन को हवा दे रही है।
भाजपा नेता ने कहा, देश में 99 फीसदी से ज्यादा किसान मोदी सरकार के साथ हैं और अगर बाकी लोगों में भ्रम की स्थिति है, तो हम बैठकर बात करेंगे और भ्रम दूर हो जाएगा। उन्होंने कहा, वे निर्दोष किसान हैं लेकिन उनमें से कुछ तत्व ऐसे हैं जिन्हें उजागर करने की आवश्यकता है। उन्होंने शारजील इमाम के पोस्टर लगाए।
सिंह ने दावा किया, देश में अधिकतर किसान आज प्रधानमंत्री मोदी के साथ खड़े हैं। जो भी चुनाव हुए, चाहे बिहार का चुनाव हो, उत्तर प्रदेश, मध्यप्रदेश और कर्नाटक का उपचुनाव हो, सभी जगह भाजपा और प्रधानमंत्री मोदी की नीतियों को समर्थन मिला है।
सिंह ने कहा, कृषि सुधार कानून किसानों के जीवन में आमूल चूल परिवर्तन लाएगा लेकिन कांग्रेस पार्टी अपने निहित स्वार्थ के चलते उसका विरोध कर रही है। हम उनकी निंदा करते हैं। कुछ कम्युनिस्ट पार्टी, अलगाववादी संगठन भी अपनी रोटी सेंकने का काम कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि फसलों की खरीद के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की व्यवस्था थी, है और आगे भी रहेगी। इन कानूनों से किसानों को अपनी फसल कहीं भी बेचने की आजादी मिलेगी।
अरुण सिंह ने उम्मीद जताई कि किसानों का आंदोलन जल्द ही खत्म हो जाएगा। उन्होंने कहा, सरकार खुले मन से किसानों से बात कर रही है और उम्मीद है कि जो किसान धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं, वे भी जल्द अपना आंदोलन समाप्त कर देंगे।
वहीं, भाजपा की सहयोगी राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी ने किसानों के आंदोलन का समर्थन किया और एनडीए से नाता तोड़ने की धमकी दी। जब इस संबंध में भाजपा नेता से सवाल किया गया तो उन्होंने कहा, उनकी पार्टी के नेता राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के प्रमुख हनुमान बेनीवाल से बात करेंगे।
गौरतलब है कि बेनीवाल ने कहा है कि अगर किसानों के हित में कृषि कानून वापस नहीं लिए गए तो उन्हें केंद्र सरकार को दिए अपने समर्थन पर पुनर्विचार करना होगा।