फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

'एनआईए का दुरुपयोग कर रही है यूपीए'

Wed, 25 Sep 2013 08:32 PM IST
समीर शर्मा/जयपुर
विज्ञापन
विज्ञापन
भाजपा और आरएसएस पर भगवा आतंकवाद फैलाने का आरोप लगाने वाली यूपीए सरकार पर सीबीआई के बाद अब एनआईए के दुरुपयोग के आरोप लग रहे हैं।
विज्ञापन


अजमेर बम कांड के आरोपी भावेश पटेल ने जयपुर की एनआईए मामलो की सुनवाई करनेवाली अदालत को पत्र लिखकर कहा है कि केंद्रीय गृह मंत्री सुशील शिंदे सहित चार कांग्रेस नेताओं ने इस मामले में आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत और इंद्रेश कुमार को फंसाने के लिए दबाव डाला था।

इसके विरोध में आरोपी ने अलवर जेल में अनशन भी किया था और अब स्थिति बिगडऩे पर उसे जयपुर के सवाईमान सिंह अस्पताल के आईसीयू में भर्ती किया गया है।

भाजपा इस पत्र को मुद्दा बनाकर कांग्रेस पर भाजपा, आरएसएस सहित राष्ट्रवादी संगठनों के खिलाफ षडयंत्र करने का आरोप लगा रही है और पटेल के पत्र को इसका सबूत बता रही है।
विज्ञापन


ये है चिट्ठी का मजमून

मामले के तहत पटेल ने चिट्ठी में कहा है कि कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह, गृह राज्यमंत्री आर.पी.एन. सिंह और कोयला मंत्री प्रकाश जायसवाल उस पर दवाब डालकर अजमेर बम कांड में भागवत और इंद्रेश का नाम लेने को कह रहे हैं।

पटेल ने पत्र में कहा है कि जब उसे एनआईए द्वारा गिरफ्तार किए जाने का आभास हुआ तो वह अपने गुरु के उत्तर प्रदेश स्थित संभल के आश्रम में चला गया था।

गुरु ने दिग्विजय सिंह से मिलवाया था। इसके बाद शिंदे, जायसवाल और आर.पी.एन सिंह से मुलाकात हुई। इन लोगों ने एनआईए अधिकारियों से मिलवाया और कहा कि जैसा हम कहें वैसा बयान दोगे, तो तुम्हें बचा लेंगे।

उन्होंने कहा था कि तुम्हें कोर्ट में बयान देना होगा कि अजमेर ब्लास्ट की साजिश में भागवत और संघ पदाधिकारी इंद्रेश कुमार शामिल थे। पत्र में कहा कि अदालत में यह बयान नहीं दिया, जिसके कारण एनआईए अफ सरों ने प्रताडि़त करना शुरू कर दिया।

उसने यहीं से यह चिट्ठी अदालत को भेजी। भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष अरूण चतुर्वेदी ने अमर उजाला से कहा कि राष्ट्रवादी संगठनों के खिलाफ षडयंत्र करने की लगातार कोशिश रही है। यह पत्र भी इसे साबित कर रहा है। भाजपा के खिलाफ केन्द्र सरकार और कांग्रेस पार्टी दोनों ही बदनाम करने का प्रयास करते रहे हैं।

सात पर आरोप तय

छह साल पुराने अजमेर बम बलास्ट केस में एनआईए मामलों की विशेष अदालत ने असीमानंद सहित सात आरोपियों पर हत्या और आपराधिक षड्यंत्र सहित विस्फोटक अधिनियम व विधि विरुद्ध क्रियाकलाप अधिनियम की धाराओं में आरोप तय कर दिए हैं, जो 3 अक्टूबर को सुनाए जाएंगे।

जिन अन्य पर आरोप तय किए है उनमें देवेन्द्र गुप्ता, लोकेश शर्मा, चन्द्रशेखर लेवे, भरत मोहन रतेश्वर, हर्षद सोलंकी व मुकेश वासाणी शामिल हैं। हालांकि सभी आरोपियों के खिलाफ धारा 323 को डिस्चार्ज कर दिया।

इस केस में एनआईए ने 18 जुलाई 2011 को असीमानंदए भरत भाई, संदीप डांगे, भावेश भाई, मेहुल, सुरेश भाई, रामचन्द्र व सुनील जोशी सहित आठ के खिलाफ चालान पेश किया था।
विज्ञापन


इनमें से सुनील की जुलाई 2010 में हत्या हो चुकी है। इनके अलावा देवेन्द्र गुप्ता, लोकेश शर्मा व चन्द्रशेखर लेवे के खिलाफ पूर्व में अजमेर की अदालत में चालान पेश हो चुका है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें