शहर में खुफिया एजेंसियों और पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए करोड़ों के अवैध वन्यजीव कारोबार से जुड़े एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। कोटगेट थाना क्षेत्र में मिलिट्री इंटेलिजेंस, सीआईडी-सीबी और कोटगेट पुलिस की टीम ने जाल बिछाकर 650 ग्राम एम्बरग्रीस बरामद की है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 65 लाख रुपये आंकी जा रही है।
अवैध सौदे की सूचना पर बिछाया जाल
सीओ सिटी अनुज डाल ने बताया कि एम्बरग्रीस को आम बोलचाल में व्हेल मछली की उल्टी कहा जाता है। इसका इस्तेमाल महंगे परफ्यूम और कॉस्मेटिक उत्पाद बनाने में किया जाता है। पुलिस को एम्बरग्रीस के अवैध सौदे की सूचना मिली थी। इसके बाद मिलिट्री इंटेलिजेंस, सीआईडी-सीबी और कोटगेट पुलिस ने संयुक्त रूप से कार्रवाई की और आरोपियों को पकड़ने के लिए जाल बिछाया।
तीन आरोपी पकड़े, दो नाबालिग
ऑपरेशन के दौरान टीम ने तीन लोगों को पकड़ा। इनमें दो नाबालिग हैं, जबकि एक बालिग आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। प्रारंभिक जांच में तीनों के महाराष्ट्र के रत्नागिरी निवासी होने की जानकारी सामने आई है। पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि वे बीकानेर में किसके संपर्क में थे।
650 ग्राम एम्बरग्रीस की कीमत 65 लाख
पुलिस के अनुसार बरामद 650 ग्राम एम्बरग्रीस की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 65 लाख रुपये आंकी गई है। एम्बरग्रीस को वन्यजीव संरक्षण कानून के तहत प्रतिबंधित श्रेणी में माना जाता है। इसके व्यापार और खरीद-फरोख्त पर रोक है। पुलिस ने इस मामले में वाइल्ड लाइफ एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज कर लिया है।
खरीदार और सप्लाई चेन की तलाश
गिरफ्तार बालिग आरोपी से पूछताछ के जरिए पुलिस तस्करी के पूरे नेटवर्क तक पहुंचने का प्रयास कर रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगा रही हैं कि एम्बरग्रीस की इतनी बड़ी खेप बीकानेर तक कैसे पहुंची, इसे किसने भेजा था और इसके खरीदार कौन थे। साथ ही नेटवर्क में जुड़े अन्य लोगों की भूमिका भी खंगाली जा रही है।