पीबीएम अस्पताल से हटाए गए यूटीबी नर्सों का विरोध प्रदर्शन अब उग्र होता जा रहा है। अपनी बहाली की मांग को लेकर नर्सों ने बुधवार को केंद्रीय मंत्री के आवास का घेराव कर सरकार और प्रशासन के खिलाफ नाराज़गी जाहिर की। इससे पहले, नर्सेज ने कई दिनों तक पीबीएम अस्पताल परिसर में धरना दिया, लेकिन जब उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया, तो उन्होंने संघर्ष तेज करने का निर्णय लिया।
यूटीबी नर्सेज के धन्नाराम नेण का कहना है एक तरफ सरकार स्वास्थ्य सेवाओं की बेहतरी के लिए तो चिकित्सालय बनवा रही है, दूसरी और इसके लिए मेन पावर की भी आवश्यकता भी जरूरी है। नर्सेज का कहना है कि उन्होंने कोरोना जैसुमहामारी के समय अपनी जान जोखिम में डालकर सेवा दी थी, लेकिन अब सरकार ने उन्हें अनदेखा कर दिया। प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में नर्सेज केंद्रीय मंत्री के घर के बाहर जमा हुए और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
बीकानेर जिले में लगभग 500 यूटीबी नर्सेज कार्यरत है। स्थाई भर्ती पूर्ण होने के बाद पीबीएम में कार्यरत 80 के लगभग यूटीबी नर्सिंग स्टाफ को पीबीएम सुप्रीडेंट ऑफिस से कार्यमुक्त करके सीएमएचओ के अधीन भेजा दिया गया है। सीएमएचओ अधीन उन्हें रिक्त पदों पर भी समायोजित नहीं किया जा रहा है। नर्सेज के रिक्त पदों पर समायोजन करने और नए पद सृजित करने और कार्यावधि बढ़ाने को लेकर नर्सेज एसोसिएशन के नेता धन्ना राम नेण, भवानी, अनिल प्रजापत खेतप्रकाश राजपुरोहित ओमप्रकाश चौधरी मंदीप सिंह पडिहार और रमन मीणा ने केन्द्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल को अपनी पीड़ा बताई। जहां उन्हें ये आश्वासन मिला कि जल्द ही कोई सकारात्मक प्रकिया सरकार की तरफ से की जाएगी।