फैक्टरी के हाइड्रोलिक गेट में फंसने से पांच साल की मासूम की मौत
बीकानेर के बीछवाल थाना क्षेत्र स्थित औद्योगिक क्षेत्र में सोमवार को एक हृदय विदारक हादसा सामने आया, जिसने सभी को झकझोर कर रख दिया। यहां एस एस फूड्स नामक आलू-चिप्स निर्माण फैक्टरी में पांच साल की मासूम बच्ची की हाइड्रोलिक गेट में फंसकर दर्दनाक मौत हो गई। मृतका की पहचान जूली के रूप में हुई है, जिसके माता-पिता इसी फैक्टरी में मजदूरी करते हैं।
खेलते-खेलते पहुंची गेट के पास, अचानक हुआ हादसा
घटना उस समय हुई जब जूली फैक्टरी परिसर में खेल रही थी और खेलते-खेलते हाइड्रोलिक गेट के पास पहुंच गई। अचानक गेट एक्टिव हो गया और बच्ची उसके बीच में फंस गई। भारी दबाव के चलते बच्ची गंभीर रूप से घायल हो गई। आसपास मौजूद मजदूर कुछ समझ पाते उससे पहले ही जूली ने मौके पर दम तोड़ दिया। हादसे के बाद बच्ची खून से लथपथ हो गई और फैक्टरी में अफरातफरी मच गई।
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शव भेजा गया मोर्चरी
घटना की सूचना मिलते ही सीओ विशाल जांगीड़ और बीछवाल थानाधिकारी गोविंद सिंह तुरंत मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पीबीएम अस्पताल की मोर्चरी भिजवाया और परिजनों की रिपोर्ट के आधार पर मर्ग दर्ज कर ली गई है। मामले की विधिवत जांच शुरू कर दी गई है।
फैक्टरी परिसर में पसरा मातम
मासूम जूली की अचानक मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है। फैक्टरी में भी मातम का माहौल है और मजदूरों के बीच गहरी पीड़ा और आक्रोश देखा जा रहा है। मृतका के माता-पिता भी वहीं काम करते थे और काम के दौरान ही उनकी मासूम बेटी की जान चली गई।
सुरक्षा मानकों की अनदेखी पर उठे सवाल
इस हादसे ने फैक्टरी की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय मजदूरों और निवासियों का कहना है कि फैक्टरी में सुरक्षा उपायों का पालन नहीं किया जा रहा है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि बच्चों की फैक्टरी परिसर में आवाजाही कैसे हो रही थी और हाइड्रोलिक गेट जैसे खतरनाक स्थान तक मासूम कैसे पहुंच गई?
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फैक्टरी प्रबंधन जांच के घेरे में
पुलिस द्वारा फैक्ट्री प्रबंधन की भूमिका की गहन जांच की जा रही है। यह देखा जा रहा है कि क्या गेट की सुरक्षा प्रणाली में कोई तकनीकी खामी थी या मानवीय लापरवाही के कारण यह हादसा हुआ। इसके साथ ही यह भी जांच का विषय है कि बाल सुरक्षा के नियमों का पालन क्यों नहीं किया गया।