बीकानेर में नाल सिविल एयरपोर्ट पर शनिवार रात उस समय अफरातफरी मच गई, जब दिल्ली जाने वाली फ्लाइट के लिए चेक-इन कर रहे एक फ्रांसीसी दंपति के बैग से जानवर की खोपड़ी जैसी दिखने वाली संदिग्ध वस्तु बरामद हुई। एयरपोर्ट प्रशासन ने तत्काल इसकी सूचना वन विभाग को दी, जिसके बाद दोनों पर्यटकों को हिरासत में लिया गया।
लगेज जांच में मिला संदिग्ध आइटम
प्रारंभिक जांच में बरामद वस्तु हड्डी की बनी पाई गई, जबकि उसके साथ लगे सींग लकड़ी के बताए गए हैं। वन विभाग ने एहतियातन इस आइटम को जब्त कर लिया और वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत कार्रवाई शुरू की। दोनों पर्यटकों को पूछताछ के लिए हिरासत में रखा गया।
लैब जांच के लिए भेजा गया सैंपल
वन मंडल अधिकारी वेंकटेश्वर ने बताया कि एयरपोर्ट प्रशासन से सूचना मिलते ही टीम मौके पर पहुंची। संदिग्ध वस्तु को पहले बीकानेर स्थित राजस्थान पशु चिकित्सा विश्वविद्यालय की लैब में जांच के लिए भेजा गया, जहां इसे संभावित वन्यजीव अंग माना गया। अंतिम पुष्टि के लिए सैंपल देहरादून की विशेषज्ञ प्रयोगशाला भेजे गए हैं, जिसकी रिपोर्ट आने में 20 से 25 दिन लग सकते हैं।
तस्करी के पहलू से भी जांच
वन विभाग का कहना है कि यदि यह वस्तु किसी संरक्षित वन्यजीव का हिस्सा साबित होती है, तो कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही मामले में तस्करी के कोण से भी जांच की जा रही है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि आइटम भारत में किस उद्देश्य से लाया या ले जाया जा रहा था।
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पर्यटकों का पक्ष और यात्रा विवरण
पूछताछ के दौरान फ्रांसीसी दंपति ने बताया कि वे भारत भ्रमण पर आए हैं और यह वस्तु उन्होंने नागालैंड में आयोजित एक प्रदर्शनी से खरीदी थी। दोनों आठवीं बार भारत आए हैं और कोहिमा, दिल्ली तथा जोधपुर घूमने के बाद शुक्रवार को बीकानेर पहुंचे थे। शनिवार रात वे दिल्ली लौटने वाली फ्लाइट पकड़ने वाले थे।
जमानत पर रिहाई, निगरानी जारी
इस मामले की जानकारी दिल्ली स्थित फ्रांस के दूतावास को भी दे दी गई है। शनिवार रात दोनों पर्यटक वन विभाग की निगरानी में रहे। रविवार को वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर उन्हें हिरासत में लिया गया, हालांकि कुछ घंटों बाद ही जमानत पर रिहा कर दिया गया। विभाग ने स्पष्ट किया है कि जांच पूरी होने तक दोनों पर निगरानी जारी रहेगी।