Rajasthan News: बीकानेर में रेलवे से जुड़े करीब 48 करोड़ रुपये के टेंडर के बिल पास करने के बदले रिश्वत मांगने के मामले में CBI ने दो रेलवे कर्मचारियों को 1.20 लाख रुपये लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार कर्मचारियों की पहचान राजेंद्र चौधरी और राकेश के रूप में हुई है। एजेंसी अब मामले में अन्य अधिकारियों की भूमिका की भी जांच कर रही है।
रेलवे से जुड़े एक बड़े भ्रष्टाचार मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो ने शुक्रवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए रेलवे के दो कर्मचारियों को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए कर्मचारियों की पहचान राजेंद्र चौधरी और राकेश के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, कोलकाता की एमआरटी कंपनी को मिले करीब 48 करोड़ रुपये के टेंडर से संबंधित बिलों को पास करने की एवज में रिश्वत की मांग की गई थी।
विज्ञापन
बिल पास कराने के बदले मांगी रिश्वत
आरोप है कि कंपनी के कर्मचारी नवल किशोर जब बिलों के भुगतान की प्रक्रिया के लिए सेक्शन ऑफिसर राजेंद्र चौधरी के पास पहुंचे तो उनसे रिश्वत मांगी गई। इसके बाद नवल किशोर ने मामले की शिकायत सीबीआई से की।
शिकायत मिलते ही सीबीआई ने बिछाया जाल
शिकायत के सत्यापन के बाद सीबीआई ने जाल बिछाया। शुक्रवार को कार्रवाई करते हुए एजेंसी ने दोनों आरोपियों को 1 लाख 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। कार्रवाई के बाद दोनों कर्मचारियों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी गई है।
विज्ञापन
48 करोड़ के टेंडर से जुड़ा है पूरा मामला
जानकारी के अनुसार, मामला रेलवे के बड़े भुगतान और टेंडर प्रक्रिया से जुड़ा हुआ है। करीब 48 करोड़ रुपये के टेंडर से संबंधित बिलों के भुगतान के बदले रिश्वत मांगे जाने का आरोप है। इसी वजह से सीबीआई इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच आगे बढ़ा रही है।
अन्य अधिकारियों की भूमिका भी जांच के घेरे में
सीबीआई यह भी पता लगाने में जुटी है कि रिश्वतखोरी के इस मामले में रेलवे के अन्य अधिकारी या कर्मचारी भी शामिल हैं या नहीं। मौके पर कार्रवाई के बाद एजेंसी ने जांच शुरू कर दी है। मामले से जुड़े दस्तावेजों और भुगतान प्रक्रिया की भी जांच की जा सकती है। रेलवे की टेंडर प्रक्रिया से जुड़े इस मामले में CBI की जांच का दायरा आगे बढ़ने की संभावना है।