केंद्रीय जेल प्रशासन की बड़ी चूक से गुरुवार को हत्या और एनडीपीएस जैसे गंभीर मामलों के आरोपी मदनलाल खीचड़ को रिहा कर दिया गया। आरोपी के खिलाफ नोखा थाने में एनडीपीएस का मामला दर्ज था और उसे मामले के तहत जेल में रखना था लेकिन एक अन्य मामले में जमानत मिलने के बाद उसे रिहा कर दिया गया। गुरुवार को कोर्ट से वारंट पहुंचने के बाद जेल प्रशासन को अपनी लापरवाही के बारे में पता चला।
जानकारी के अनुसार मदनलाल को हाल ही में एडीजे कोर्ट ने हत्या के एक मामले में दोषी ठहराते हुए तीन साल की सजा सुनाई थी। इस केस में जमानत मिलने के बाद बुधवार को उसे जेल से रिहा किया गया लेकिन जेल प्रशासन ने एनडीपीएस केस के चलते उसकी हिरासत अवधि की अनदेखी कर दी।
गुरुवार शाम कोर्ट से वारंट पहुंचने के बाद जेल प्रशासन को अपनी गलती का अहसास हुआ। जेल अधीक्षक सुमन मालीवाल ने तुरंत एसपी कावेंद्र सिंह सागर को इस मामले की जानकारी दी। इसके बाद जिले भर में पुलिस ने आरोपी की तलाश शुरू की लेकिन देर रात तक उसका कोई सुराग नहीं मिल पाया। फिलहाल पुलिस ने मदनलाल के छिपने के संभावित ठिकानों पर कड़ी नजर रखी हुई है।