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Rajasthan News: खाद्य मंत्री के गृह जिले में नकली घी फैक्टरी का भंडाफोड़, तीन गिरफ्तार; केमिकल और मशीनें बरामद

Tue, 02 Sep 2025 05:11 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बीकानेर

सार

Rajasthan News: लोगों का कहना है कि जिस विभाग की जिम्मेदारी खाद्य सुरक्षा की है, उसी मंत्री के गृह जिले में महीनों से यह जहरीला धंधा फल-फूल रहा था। ग्रामीणों ने सवाल किया कि अगर मंत्री के इलाके में मिलावटखोरी इतनी आसानी से चल सकती है, तो बाकी प्रदेश में क्या हाल होगा?
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खाद्य मंत्री सुमित गोदारा, मकान सीज और नकली घी बनाने की मशीनें बरामद - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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राजस्थान सरकार के खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री सुमित गोदारा के गृह जिले बीकानेर से नकली घी बनाने का बड़ा खुलासा हुआ है। लूणकरणसर के रामबाग इलाके में चल रही एक गुप्त फैक्टरी पर पुलिस ने छापा मारकर भारी मात्रा में ड्रम, केमिकल और मशीनें बरामद कीं। पुलिस ने फैक्टरी संचालित कर रहे तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि मकान को सीज कर दिया गया है।

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आम लोगों की सजगता से खुला राज
स्थानीय लोगों की सतर्कता के चलते यह गोरखधंधा सामने आया। जानकारी के अनुसार, रामबाग निवासी रणजीत का मकान हरियाणा के एक युवक ने किराए पर लिया था। पिछले चार महीनों से यहां गुपचुप तरीके से नकली घी तैयार करने का काम चल रहा था। बताया जा रहा है कि फैक्टरी में केमिकल मिलाकर नकली घी तैयार किया जा रहा था, जिसे बाजार में बेचा जाता।
 
पुलिस की कार्रवाई और गिरफ्तारी
छापामारी के दौरान पुलिस ने मौके से तीन आरोपियों विनोद जाट निवासी सिरसा (हरियाणा), प्रिंस कुमार निवासी चंदौली (उत्तर प्रदेश) और द्रविड़ कुमार निवासी बदौली (उत्तर प्रदेश) को गिरफ्तार किया। आरोपियों के पास से एक कार और एक पिकअप भी जब्त की गई है।
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सैंपल जांच के बाद होगा खुलासा
पुलिस ने बरामद सामग्री को कब्जे में लेकर रसद विभाग को सूचित किया। विभाग की टीम ने मौके से सैंपल ले लिए हैं, जिन्हें जांच के लिए भेजा गया है। रिपोर्ट आने के बाद ही साफ हो पाएगा कि किस तरह का घी और किस मात्रा में केमिकल का उपयोग किया जा रहा था।
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लोगों ने उठाए सवाल
स्थानीय लोगों का कहना है कि जिस विभाग की जिम्मेदारी खाद्य सुरक्षा की है, उसी मंत्री के गृह जिले में महीनों से यह जहरीला धंधा फल-फूल रहा था। ग्रामीणों का कहना है कि अगर मंत्री के इलाके में मिलावटखोरी इतनी आसानी से चल सकती है, तो प्रदेश के अन्य जिलों की स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है।

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