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Bikaner News: जिम्मेदार कौन? पीएचसी में स्टाफ नदारद, प्रसूता ने अस्पताल परिसर के बाहर दिया बच्चे को जन्म

Wed, 04 Mar 2026 07:48 PM IST
बीकानेर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बीकानेर

सार

भादला गांव की पीएचसी में प्रसव पीड़ा से तड़पती महिला को अस्पताल के बाहर ही बच्चे को जन्म देना पड़ा, क्योंकि उस समय अस्पताल में डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ मौजूद नहीं थे। 
 
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प्रसूता ने अस्पताल के बाहद दिया बच्चे को जन्म - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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जिले के नोखा क्षेत्र में सरकारी चिकित्सा व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। भादला गांव स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में एक प्रसूता को अस्पताल परिसर के बाहर खुले में ही बच्चे को जन्म देना पड़ा। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद क्षेत्र में आक्रोश फैल गया है।

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जानकारी के अनुसार शोभाना गांव की एक गर्भवती महिला को प्रसव पीड़ा होने पर परिजन उसे भादला पीएचसी लेकर पहुंचे। आरोप है कि उस समय अस्पताल में डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ मौजूद नहीं थे। काफी इंतजार के बावजूद कोई चिकित्सा सहायता नहीं मिलने पर महिला को अस्पताल परिसर के बाहर ही बच्चे को जन्म देना पड़ा।

राहत की बात यह है कि महिला और नवजात दोनों स्वस्थ बताए जा रहे हैं लेकिन इस घटना ने सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं की व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि अस्पताल में लंबे समय से अव्यवस्थाएं बनी हुई हैं और स्टाफ की अनुपस्थिति आम बात बन गई है।
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घटना से नाराज ग्रामीण अस्पताल परिसर में धरने पर बैठ गए और जिम्मेदार चिकित्सा कर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ।
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गौरतलब है कि यह घटना उस जिले में हुई है, जिसे प्रदेश के चिकित्सा मंत्री का प्रभार क्षेत्र माना जाता है। ऐसे में स्थानीय लोगों का कहना है कि जब मंत्री के प्रभार वाले जिले में ही हालात ऐसे हैं तो अन्य क्षेत्रों की स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है। वीडियो सामने आने के बाद प्रशासन पर कार्रवाई का दबाव बढ़ गया है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही दोषियों पर कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन को तेज किया जाएगा।

 

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