Bikaner: अरुण योगीराज 14 अप्रैल को बीकानेर पहुंचेंगे और विश्वविद्यालय के ड्राइंग एंड पेंटिंग (फाइन आर्ट्स) विभाग के विद्यार्थियों, शिक्षकों और कला प्रेमियों के साथ एक संवाद कार्यक्रम में भी भाग लेंगे। योगीराज ने अपनी अद्भुत कला से देशभर में अपनी पहचान बनाई है।
महाराजा गंगा सिंह विश्वविद्यालय, बीकानेर के इतिहास में पहली बार किसी विशिष्ट व्यक्ति को मानद उपाधि प्रदान की जाएगी। यह ऐतिहासिक अवसर 15 अप्रैल को विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित एक विशेष समारोह में संपन्न होगा, जिसमें भारत के प्रसिद्ध मूर्तिकार अरुण योगीराज को कला संकाय में मानद उपाधि विद्या वाचस्पति (PhD) से सम्मानित किया जाएगा।
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यह उपाधि विश्वविद्यालय के कुलाधिपति एवं राजस्थान के राज्यपाल हरीभाऊ बागड़े द्वारा प्रदान की जाएगी। विश्वविद्यालय के मीडिया प्रभारी एवं अतिरिक्त कुल सचिव डॉ. विठ्ठल बिस्सा ने जानकारी देते हुए बताया कि इस उपाधि की संस्तुति विश्वविद्यालय विद्या परिषद एवं प्रबंध बोर्ड द्वारा की गई है। विशेष समारोह को भव्य बनाने के लिए विश्वविद्यालय स्तर पर तैयारियां जोरों पर हैं। विश्वविद्यालय के कुलपति आचार्य मनोज दीक्षित की पहल पर देश के उन ख्याति प्राप्त व्यक्तियों को मानद उपाधि देने का निर्णय लिया गया है, जिन्होंने अपने क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया है।
14 अप्रैल को बीकानेर पहुंचेंगे अरुण योगीराज
अरुण योगीराज 14 अप्रैल को बीकानेर पहुंचेंगे और विश्वविद्यालय के ड्राइंग एंड पेंटिंग (फाइन आर्ट्स) विभाग के विद्यार्थियों, शिक्षकों और कला प्रेमियों के साथ एक संवाद कार्यक्रम में भी भाग लेंगे। योगीराज ने अपनी अद्भुत कला से देशभर में अपनी पहचान बनाई है। उनके द्वारा निर्मित प्रमुख मूर्तियों में कर्तव्य पथ पर नेताजी सुभाष चंद्र बोस की विशाल प्रतिमा, अयोध्या में भगवान श्री राम की मूर्ति, और अमरनाथ धाम में निर्मित मूर्ति शामिल हैं। उनके अभूतपूर्व योगदान को देखते हुए उन्हें देश-विदेश की कई प्रतिष्ठित संस्थाओं द्वारा सम्मानित किया जा चुका है। यह आयोजन न केवल विश्वविद्यालय के लिए गौरव का क्षण होगा, बल्कि बीकानेर के कला और संस्कृति जगत के लिए भी एक ऐतिहासिक अवसर बनकर उभरेगा।