स्वामी केशवानंद कृषि विश्वविद्यालय का 21वां दीक्षांत समारोह
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बीकानेर जिले में स्थित स्वामी केशवानंद राजस्थान कृषि विश्वविद्यालय में सोमवार को आयोजित 21वें दीक्षांत समारोह में राज्यपाल और कुलाधिपति हरिभाऊ बागडे ने शिरकत की। इस अवसर पर उन्होंने 1346 विद्यार्थियों को स्नातक, 114 विद्यार्थियों को स्नातकोत्तर तथा 20 विद्यार्थियों को विद्यावाचस्पति की उपाधि प्रदान की। इसके साथ ही 13 विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक और दो विद्यार्थियों को कुलाधिपति स्वर्ण पदक देकर सम्मानित किया गया।
समारोह के दौरान कुलपति प्रो. अरुण कुमार ने राज्यपाल का स्वागत करते हुए विश्वविद्यालय की उपलब्धियों पर प्रकाश डाला। अपने संबोधन में राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने राजस्थान में जल संचयन की महत्ता पर जोर दिया और विद्यार्थियों से किसानों एवं कृषि के उत्थान में अपनी शिक्षा का सार्थक उपयोग करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि शिक्षित युवा विकसित भारत की संकल्पना को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। राज्यपाल ने किसानों से आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने और पशुपालन को समृद्धि का माध्यम बनाने की अपील की।
राज्यपाल ने कहा कि कृषि और पशुपालन हमारी आजीविका का आधार रहा है। खेती और पशुपालन का विकास ही राष्ट्र के विकास की धुरी है। राज्यपाल ने कहा कि 'हर खेत को पानी, हर हाथ को काम' की अवधारणा को साकार करना आज की सबसे बड़ी जरूरत है। राज्यपाल ने कहा कि डिग्री प्राप्त करने वाले कृषि विद्यार्थियों को शुभकामनाएं दी और कहा कि कृषि विश्वविद्यालय कृषि की नई तकनीकें इजाद करें और किसानों तक इन्हें पहुंचाएं।
उन्होंने कहा कि जल संकट की चुनौती से निपटने के लिए हमें परंपरागत जल स्रोतों को पुनर्जीवित करने और जल संचयन के प्रयासों को तेज करने की आवश्यकता है। समारोह में विश्वविद्यालय के अधिकारी, संकाय सदस्य, विद्यार्थी और अन्य गणमान्यजन उपस्थित रहे।
कुलाधिपति हरिभाऊ बागडे