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Jaisalmer Weather: जैसलमेर में बड़ा सर्दी का असर, रात के तापमान में आई गिरावट, चार दिन बाद बारिश के आसार

Tue, 19 Dec 2023 08:22 PM IST
उदित दीक्षित न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, जैसलमेर

सार

Jaisalmer Weather: जैसलमेर में सर्दी का असर तेज हो गया है। अब बारिश के आसार भी नजर आ रहे हैं। मौसम वैज्ञानिकों ने 23 दिसंबर से जिले में हल्की बारिश की संभावना जताई है।
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जैसमेलर में छाए बादल। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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जैसलमेर में पिछले तीन दिन से सर्दी का असर तेज हो गया है। वहीं, अब बारिश के आसार नजर आ रहे हैं। मौसम वैज्ञानिकों ने 4 दिन बाद जिले में हल्की बारिश की संभावना जताई है। इधर, मंगलवार को दोपहर बाद आसमान में बादल छा गए, जिससे धूप का असर कम हो गया। 

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इससे सर्दी का असर बढ़ गया। बढ़ती सर्दी के कारण लोग दिन में भी ठंड से ठिठुरते नजर आए। मंगलवार को दिन के तापमान में 2 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई। वहीं, रात के पारे में 1 डिग्री की बढ़ोतरी हुई। जिले का तापमान 24.4 डिग्री और न्यूनतम तापमान 10.2 डिग्री दर्ज किया गया। दिन और रात के पारे में 14 डिग्री का अंतर रहा।

वेस्टर्न डिस्टरबेंस से छाए बादल
मौसम विभाग के अनुसार पश्चिम विक्षोभ सक्रिय हुआ है। जिससे मौसम में बदलाव हुआ है। इसके असर से दिन में बादल छाए रहने के साथ कहीं-कहीं हल्की बारिश भी हो सकती है। मौसम वैज्ञानिकों ने 23 दिसंबर से जैसलमेर जिले में हल्की बारिश की संभावना जताई है।
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कृषि मौसम वैज्ञानिक अतुल गालव ने बताया कि 23 दिसंबर से एक वेदर सिस्टम उत्तर भारत में सक्रिय होगा। इसके प्रभाव से राजस्थान के उत्तर-पश्चिमी इलाकों में बादल छाए रहने के साथ ही कहीं-कहीं हल्की बारिश होने की संभावना है। बारिश से दिन और रात के पारे में गिरावट होगी, जिससे सर्दी और बढ़ेगी। 

रबी की फसलों को होगा फायदा
मावठ की बारिश फसलों के लिए वरदान मानी जाती है। किसानों का कहना है कि मावठ फसलों के लिए फायदेमंद रहेगी। इससे खेतों में नमी हो जाएगी और बूंदें हल्की गिरने से वह पौधों को पोषण प्रदान करेगी। वहीं, तेज बरसात से असिंचित क्षेत्र की फसलों को जीवनदान मिलेगा। कृषि मौसम वैज्ञानिक अतुल गालव ने बताया कि अगर जीरा में फूल आ गए हैं तो मावठ से नुकसान हो सकता है। बाकी गेहूं, सरसों, चना, ईसबगोल के लिए फायदा होगा। दाने की गुणवत्ता भी बढ़ेगी और पैदावार भी अच्छी होगी।

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