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Bhilwara News: 30 हजार की रिश्वत लेते सहायक अभियंता व वाणिज्यक सहायक प्रथम गिरफ्तार; ऐसे हुई कार्रवाई

Thu, 13 Feb 2025 07:23 PM IST
भीलवाड़ा ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भीलवाड़ा

सार

एसीबी के अधिकारियों के मुताबिक, रिश्वत की राशि की सत्यापन वार्ता के बाद, गुरुवार को सहायक अभियंता मुकेश बैरवा ने परिवादी से 30,000 रुपये की रिश्वत विनोद कुमार को देने के लिए कहा। विनोद कुमार ने रिश्वत राशि गिनकर अपने पास रखी और दोनों आरोपियों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया।

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सहायक अभियन्ता व वाणिज्यक सहायक प्रथम गिरफ्तार - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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भ्रष्टाचार निरोधक विभाग मुख्यालय के निर्देश पर एसीबी भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो भीलवाड़ा-प्रथम ने गुरुवार को एक बड़ी कार्रवाई करते हुए भीलवाड़ा जिले के बनेड़ा उपखंड मुख्यालय पर अजमेर विद्युत वितरण निगम के सहायक अभियंता और वाणिज्यक सहायक प्रथम को 30 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया। यह रिश्वत शिकायतकर्ता से आयल मिल के विद्युत कनेक्शन जारी कराने के बदले में ली गई थी।

एसीबी के अनुसार, मुकेश बैरवा, सहायक अभियंता, अविविएनएल बनेड़ा और विनोद कुमार, वाणिज्यक सहायक प्रथम, कार्यालय सहायक अभियंता द्वारा परिवादी उदयलाल से आयल मिल के एमआईपी विद्युत कनेक्शन के लिए डिमांड नोटिस जारी करने की एवज में पहले 20,000 रुपये की रिश्वत ले ली थी। इसके बाद 30,000 रुपये और मांग किए गए थे, जो परिवादी से दो दिन बाद देने की सहमति बनी थी।

एसीबी के अधिकारियों के मुताबिक, रिश्वत की राशि की सत्यापन वार्ता के बाद, गुरुवार को सहायक अभियंता मुकेश बैरवा ने परिवादी से 30,000 रुपये की रिश्वत विनोद कुमार को देने के लिए कहा। विनोद कुमार ने रिश्वत राशि गिनकर अपने पास रखी और दोनों आरोपियों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया।

भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के महानिदेशक पुलिस, डॉ. रवि प्रकाश मेहरा ने बताया कि एसीबी को शिकायत मिली थी कि परिवादी उदयलाल से ऑयल मिल्स के लिए एम.आई.पी विधुत कनेक्शन के डिमांड नोटिस और पत्रावली उच्च अधिकारियों तक भेजने की एवज में एक लाख रुपये की रिश्वत मांगी जा रही थी। इस पर एसीबी अजमेर रेंज के उप महानिरीक्षक कालूराम रावत के सुपरविजन में, भीलवाड़ा-प्रथम के नेतृत्व में ट्रैप कार्रवाई की गई और दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। एसीबी की अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस स्मिता श्रीवास्तव के सुपरविजन में पूछताछ और जांच जारी है। भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आगे की जांच की जाएगी।

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