भीलवाड़ा के गांधीनगर थाना क्षेत्र में आयुर्वेदिक डिप्लोमा कराने और सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा देकर युवतियों को कथित तौर पर फंसाने और ब्लैकमेल करने का मामला सामने आया है। एक नाबालिग लड़की के साथ अनुचित व्यवहार करने के आरोप भी लगाए गए हैं। शिकायत के आधार पर पुलिस ने पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामले में कई लोगों के नाम सामने आए हैं।
गांधीनगर थाना क्षेत्र में आयुर्वेदिक डिप्लोमा कराने और सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा देकर युवतियों को कथित तौर पर जाल में फंसाने और ब्लैकमेल करने का मामला सामने आया है। इस पूरे प्रकरण में एक नाबालिग लड़की के साथ अनुचित व्यवहार करने के गंभीर आरोप भी लगाए गए हैं। पीड़ित पक्ष की शिकायत मिलने के बाद गांधीनगर थाना पुलिस ने पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अब मामले से जुड़े सभी तथ्यों और आरोपों की गहनता से पड़ताल कर रही है।
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नौकरी और डिप्लोमा का झांसा
थानाप्रभारी पुष्पा कासौटिया ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि एक व्यक्ति ने अपनी नाबालिग बेटी के संबंध में थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है। परिवादी के अनुसार उसकी बेटी को ड्रीम लाइफ युनि लेस प्राइवेट लिमिटेड के नाम से आयुर्वेदिक डिप्लोमा कराने और सरकारी नौकरी दिलाने का भरोसा दिया गया था। इसी झांसे में लेकर पीड़िता को भीलवाड़ा स्थित सौ फीट रोड पर बने कार्यालय में बुलाया गया था।
मोबाइल छीनकर दी गई धमकी
परिवादी का आरोप है कि कार्यालय पहुंचने के बाद पीड़िता का मोबाइल फोन अपने पास रख लिया गया। इसके बाद युवती और अन्य लड़कियों को कथित तौर पर ब्लैकमेल करने का सिलसिला शुरू हुआ। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि आरोपी महावीर नुवाल उसकी नाबालिग बेटी पर गलत नजर रखता था और उसे मोबाइल फोन पर अनुचित वीडियो दिखाता था। आरोपी ने पीड़िता को बदनाम करने की धमकी भी दी। इस घटनाक्रम से परेशान होकर नाबालिग ने अपने परिजनों को पूरी बात बताई, जिसके बाद परिजनों ने पुलिस से संपर्क कर शिकायत दर्ज कराई।
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नामजद आरोपियों पर पुलिस जांच
मामले में दर्ज शिकायत में महावीर नुवाल, सुमन जाट, चन्द्रकला गुर्जर, बुधिराज, नरेश और हेमंत समेत अन्य व्यक्तियों के नाम सामने आए हैं। परिवादी ने आरोप लगाया कि इन सभी लोगों ने मिलकर युवतियों को फंसाने और ब्लैकमेल करने का जाल फैला रखा था। शिकायत के आधार पर गांधीनगर थाना पुलिस ने पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस मामले से जुड़े आरोपों, नामजद व्यक्तियों की भूमिका और अन्य सम्भावित पीड़ितों के संबंध में पड़ताल कर रही है। फिलहाल मामले में लगाए गए आरोपों की पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी।