भरतपुर। उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने इशारों-इशारों में कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर जमकर निशाना साधा। कहा कि कुछ लोगों का जज्बा खराब हो जाता है जब भारत की उन्नति होती है। हर किसी को अधिकार है, अपना मत रखने का, लेकिन मेरे महान भारत को कलंकित करने का अधिकार किसी को नहीं है। न देश में और न विदेश में जाकर। जो ऐसा कर रहे हैं हम उसे बर्दाश्त नहीं कर सकते। देश में घटित अप्रिय घटनाओं का जिक्र करते हुए उन्होंने नाराजगी जाहिर की। कहा कि जब देश विकास की बुलंदियों को छू रहा है, ऐसे में यदि कोई वंदे भारत पर पत्थर फेंके, संसद में संवाद न हो। भारत मंडपम जहां इतना बड़ा विश्वस्तरीय सफल सम्मेलन हुआ, उसके बारे में आलोचना की जाए। यह ठीक नहीं है।
उपराष्ट्रपति मंगलवार को ऑडिटोरियम में महारानी श्रीजया कॉलेज, रामेश्वरी देवी महिला महाविद्यालय, अग्रसेन महाविद्यालय के विद्यार्थियों से संवाद कर रहे थे। उपराष्ट्रपति ने कहा कि भारत का डंका दुनिया भर में बज रहा है। कितनी खुशी होती है जब विश्व बैंक के अध्यक्ष कहते हैं कि भारत ने 6 साल में वह हासिल किया जो 50 साल में संभव नहीं है। 10 साल पहले दुनिया के पांच देश ब्राज़ील, साउथ अफ्रीका, इंडोनेशिया, भारत आदि कमजोर थे। 10 साल में भारत दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी आर्थिक महाशक्ति बन गया है।
हमने उन्हें पछाड़ा, जिन्होंने सदियों तक हम पर राज किया। भारत इस दशक के अंत तक दुनिया की तीसरी आर्थिक महाशक्ति बनेगा। उपराष्ट्रपति ने कहा- हमारे समय में सत्ता में दलाल होते थे, बिना दलाली के कोई काम नहीं होता था। पैसा सीधे पहुंचता नहीं था। बिचौलिया बीच में आता था। कमीशन एजेंट आते थे। अब पता नहीं वे कहां चले गए। कहा कि प्रजातंत्र की खास बात है कि, कानून से ऊपर कोई नहीं है।
सरसों अनुसंधान निदेशालय में उपराष्ट्रपति ने पट्टिका का अनावरण कर किसान छात्रावास का शिलान्यास और परिसर में वृक्षारोपण किया। उन्होंने कृषि वैज्ञानिकों के साथ संवाद करते हुए कहा कि हमें नवाचार के लिए लीक से हटकर सोचना पड़ेगा, इसके अद्भुत परिणाम निकलेंगे। अनुसंधान की जितनी संभावना कृषि क्षेत्र में है उतनी और किसी में नहीं है। मिलेट वर्ष की प्रशंसा करते हुए कहा आज भारत अंतरराष्ट्रीय मेहमानों को भी मोटे अनाज से बने व्यंजन परोसता है। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष ने भारत को निवेश के लिए सर्वोत्तम स्थान बताया है। चंद्रयान-3 की सफल लैंडिंग से भारत ने वह कर दिखाया है जिसकी किसी ने कल्पना नहीं की थी। डाॅ सुदेश धनखड़ मौजूद रहे।
लक्ष्मण मंदिर को निहारते रह गए धनखड़
भरतपुर। उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ और डाॅ सुदेश धनखड़ मंगलवार को भरतपुर पहुंचे। यहां उन्होंने विभिन्न कार्यक्रमों में भाग लिया। ऐतिहासिक लक्ष्मण मंदिर को निहारा और पत्नी के साथ पूजा-आर्चना की। उन्होंने देश की समृद्धि की कामना करते हुए त्याग, तप और वीरता की मूर्ति प्रभु लक्ष्मण से सभी को आत्मबल देने एवं सद्मार्ग पर चलने की प्रार्थना की।
इसके बाद भरतपुर बार एसोसिएशन द्वारा आयोजित अभिनंदन समारोह में भाग लिया। समारोह महाराजा सूरजमल बार सभागार में हुआ। वकीलों को संबोधित करते हुए धनखड़ ने कहा कि जीवन में यहां तक पहुंचने में भरतपुर के वकीलों का योगदान है। अपने वकालत के दिनों की पुरानी यादें को ताजा करते हुए संस्मरण सुनाए।
उपराष्ट्रपति ने सैनिक स्कूल चित्तौड़गढ़ के पूर्व छात्रों और सामुदायिक नेताओं से भेंट की। राजस्थान सरकार के तकनीकी शिक्षा राज्य मंत्री डॉ. सुभाष गर्ग ने उनकी अगवानी की। सांसद रंजीता कोली, जिला प्रमुख जगत सिंह, संभागीय आयुक्त सांवरमल वर्मा, पुलिस महानिरीक्षक रूपिंदर सिंह, जिलाधिकारी लोकबंधु, जिला पुलिस अधीक्षक मृदुल कच्छावा, पूर्व सांसद दिव्या सिंह, भाजपा के प्रदेश महामंत्री भजनलाल शर्मा, जिलाध्यक्ष ऋषि बंसल, अनिरुद्ध सिंह, डॉ. गुरुदीप सिंह आदि मौजूद रहे। संवाद