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निकाय चुनाव की हार के बाद कांग्रेस में बवाल: विश्वेन्द्र सिंह ने टिकट बंटवारे पर उठाए सवाल, डोटासरा को घेरा

Wed, 30 Sep 2026 02:19 PM IST
हिमांशु सिंह बघेल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भरतपुर

सार

राजस्थान के भरतपुर-डीग में निकाय चुनाव के बाद कांग्रेस की अंदरूनी खींचतान सामने आई है। पूर्व मंत्री विश्वेन्द्र सिंह ने स्थानीय संगठन पर निष्ठावान कार्यकर्ताओं की अनदेखी और टिकट वितरण में मनमानी का आरोप लगाया है।
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विश्वेंद्र सिंह और गोविंद डोटासरा आमने-सामने - फोटो : Social Media
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विस्तार
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राजस्थान में शहरी निकाय चुनाव के परिणामों के बाद कांग्रेस के भीतर की अंदरूनी कलह खुलकर सामने आने लगी है। पूर्व मंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता विश्वेन्द्र सिंह ने पार्टी के संगठन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए प्रदेश नेतृत्व को निशाने पर लिया है। उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से ‘भरतपुर-डीग कांग्रेस का बंटाधार- जिम्मेदार कौन?’ शीर्षक से एक बयान जारी किया। इसके बाद भरतपुर और आसपास के जिलों में संगठन के भीतर चल रही खींचतान चर्चा में आ गई है।
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संगठन की कार्यप्रणाली पर साधा निशाना
पूर्व मंत्री ने नगर निकायों में कांग्रेस पार्टी की हार के लिए स्थानीय संगठन के रवैये को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने आरोप लगाया कि जिले के दोनों अध्यक्षों ने पार्टी के समर्पित और निष्ठावान कार्यकर्ताओं की अनदेखी की। इन नेताओं ने निष्ठावान कार्यकर्ताओं को दरकिनार कर केवल अपने चहेते लोगों को चुनाव का टिकट बांटा। उन्होंने कहा कि गलत निर्णयों और मनमानी के कारण ही जनता ने चुनाव में इसका जवाब दिया है। पूर्व में भी जनता को हाशिए पर धकेला गया था, लेकिन इस बार मतदाताओं ने अपनी ताकत दिखाते हुए पार्टी के गलत फैसलों को खारिज कर दिया।

प्रदेश नेतृत्व पर ‘मूक-बधिर’ रहने का आरोप
विश्वेन्द्र सिंह ने मुख्यमंत्री के गृह क्षेत्र और उससे सटे महत्वपूर्ण इलाकों में पार्टी की स्थिति पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण इस क्षेत्र में पार्टी को मजबूत होना चाहिए था, लेकिन जिम्मेदार नेताओं की नीतियों के कारण कांग्रेस की स्थिति खराब हुई। उन्होंने प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा को निशाने पर लेते हुए आरोप लगाया कि इतनी बड़ी पराजय के बावजूद प्रदेश अध्यक्ष ‘मूक-बधिर’ बने बैठे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश नेतृत्व हार के कारणों की समीक्षा करने के बजाय जिम्मेदार लोगों को बचाने का काम कर रहा है। विश्वेन्द्र सिंह का यह बयान हालिया निकाय चुनावों में भरतपुर नगर निगम के परिणामों की पृष्ठभूमि में आया है, जहां 65 वार्डों में कांग्रेस को 7 सीटें मिलीं, जबकि निर्दलीय उम्मीदवार 36 वार्डों में जीते।
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नेतृत्व परिवर्तन की मांग और चेतावनी
पूर्व मंत्री ने कहा कि जब तक ये दोनों जिलाध्यक्ष अपने पदों पर बने रहेंगे, तब तक क्षेत्र में कांग्रेस पार्टी का दोबारा खड़ा होना लगभग असंभव है। उन्होंने प्रदेश नेतृत्व से समय रहते उचित कदम उठाने की मांग की। उन्होंने यह भी कहा कि जनता आने वाले समय में इन दोनों जिलाध्यक्षों के साथ-साथ उन्हें संरक्षण देने वाले प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा को भी राजनीतिक रूप से सबक सिखाने के लिए तैयार बैठी है। पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच विश्वेन्द्र सिंह के इस तीखे बयान के बाद हलचल तेज हो गई है।
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