भरतपुर। दशकों तक देश में साइबर अपराधों के मामले में राज करने वाले हरियाणा के नूंह और जामताड़ा को पछाड़ राजस्थान के भरतपुर का मेवात क्षेत्र (वर्तमान डीग जिला ) 16 प्रतिशत के साथ सिरमौर बन गया है। पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश का जिला मथुरा भी 12 प्रतिशत के साथ दूसरे नंबर पर है। हाल ही में हुए सर्वे में यह खुलासा हुआ है। भरतपुर, डीग, अलवर, मथुरा, नूंह में साइबर अपराध के गिरोह बनते जा रहे हैं।
मेवात क्षेत्र के ठगों ने देश के तमाम राज्यों के लोगों को ही नहीं विधायक और अधिकारियों को भी ठगा है। मेवात क्षेत्र के करीब 25 हजार युवा इस साइबर अपराध में लिप्त हैं। पुलिस अधीक्षक मृदुल कच्छावा ने बताया कि भरतपुरसाइबर अपराध में देश में सबसे आगे है। यहां देश का 16 प्रतिशत साइबर अपराध हो रहा है।बताया कि डीग, कैथवाड़ा, कामां, नगर, सीकरी, खोह, गोपालगढ़, पहाड़ी, जुरहरा थाना क्षेत्र के करीब 160 गांव साइबर अपराध में लिप्त हैं। इन गांवों में 12 से 40 साल तक के नाबालिग, युवक शामिल हैं। वर्ष 2022 में 46 अपराधी पकड़े, जबकि 68 अपराधी अन्य राज्यों की पुलिस को सौंपे। वर्ष 2023 में 103 अपराधी पकड़े वहीं 58 को अन्य राज्यों को सौंपा।
फर्जी सिम व मोबाइल करा रहे ब्लॉक
एसपी ने बताया कि ऑनलाइन वारदात को अंजाम देने के लिए ठग असम, उड़ीसा और पश्चिम बंगाल से फर्जी पते पर प्रीएक्टीवेटेड सिम लेकर यहां आते हैं। उन सिम को यहां लाकर एक्टिवेट किया जाता है। इसके बाद ठगी की वारदात को अंजाम दिया जाता है। अब तक फर्जी पते वाली 1 लाख, 72,392 सिम और 1 लाख 85,042 मोबाइल के आइएमइआइ नंबर ब्लॉक करा दिए गए हैं। इन मोबाइल सिम के नंबरों से 43800 साइबर क्राइम करने की शिकायतें प्राप्त हुईं।
सबसे पहले 1930 पर करें शिकायत
एसपी मृदुल कच्छावा ने बताया कि ऑनलाइन ठगी होने पर सबसे पहले पीड़ित को केंद्रीय गृह मंत्रालय के टोल फ्री नंबर 1930 पर शिकायत करनी चाहिए। ताकि खाते को फ्रीज कराया जा सके। इसके बाद पुलिस थाने में शिकायत दर्ज करानी चाहिए। पुलिस लोगों को ऑनलाइन ठगी का शिकार होने से बचाने के लिए समय-समय पर जागरूक करती रहती है।
देश में यहां इतना साइबर अपराध
भरतपुर 16%
मथुरा 12%
नूंह 11%
देवघर 10%
जामताड़ा 9.6%
गुरुग्राम 8.1%
अलवर 5.1%
वर्ष दर वर्ष बढ़ा अपराध
2021 में 84 मामले
2022 में 130 मामले
2023 में 153 मामले
ऐसे करते हैं ठगी
टटलू बाजी
सेक्सटोर्शन
वेबसाइट द्वारा
ओएलएक्स द्वारा
इवेंट के नाम पर
फर्जी अकाउंट बनाकर
फोन कॉल के द्वारा
जॉब के नाम पर
कॉन्टेक्ट लिस्ट हैक कर